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Teacher Murder Case : शिक्षक हत्याकांड के विरोध में यूपी बोर्ड के परीक्षक सड़कों पर उतरे, मूल्यांकनकार्य ठप

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। यूपी बोर्ड (UP Board)की उत्तर पुस्तिकाएं वाराणसी से लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचे राजकीय हाईस्कूल महंगाव वाराणसी के शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार (Dharmendra Kumar, teacher of Government High School Mahanav Varanasi) की सोमवार को हत्या कर दी गई। इसके विरोध में शिक्षकों ने प्रदेश के सभी मूल्यांकन केंद्रों में कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।

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लखनऊ के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज (Government Jubilee Inter College) में राजकीय शिक्षक संघ (Government Teachers Association) के बैनर मूल्यांकन बहिष्कार का आह्वान किया गया। इसके साथ ही राजकीय शिक्षक संघ (Government Teachers Association)  में निदेशक माध्यमिक से मुलाकात कर मृतक शिक्षक के परिवार को एक करोड़ आर्थिक मुआवजा व अन्य सहायता देने की मांग की है। इसका असर पड़ा और लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में शिक्षकों ने मूल्यांकन बंद कर दिया है।

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राजकीय शिक्षक संघ (Government Teachers Association)  के प्रांतीय मंत्री सत्य शंकर मिश्रा ने कहा कि वाराणसी में राजकीय हाईस्कूल मेहगांव के शिक्षक धर्मेंद्र यादव यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल से भरा एक ट्रक लेकर मुजफ्फरनगर गए थे। इस दौरान सुरक्षा में साथ गए आरक्षी चंद्रप्रकाश ने किसी बात को लेकर हुए विवाद में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बताया कि 17 18 मार्च की रात मुजफ्फरनगर वह उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी लेकर पहुंचे थे, एचडी इंटर कॉलेज का दरवाजा बंद होने के कारण गाड़ी में ही विश्राम कर रहे थे। आरक्षित चंद्रप्रकाश में शराब के नशे में था तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से बार-बार तंबाकू मांग रहा था। जब अध्यापक धर्मेंद्र कुमार द्वारा इस पर आपत्ति की गई तो चंद्रप्रकाश आपा खो बैठा और उसने अपनी कार्बाइन से कई राउंड फायर कर शिक्षक धर्मेंद्र यादव की हत्या कर दी।

एक करोड़ मुआवजा और परिवार के सदस्य को नौकरी मांग

इस पूरे मामले पर राजकीय शिक्षक संघ (Government Teachers Association)  के प्रांतीय अध्यक्ष सत्य शंकर मिश्रा ने शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के परिवार को तत्काल एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ ही परिवार के सदस्य को नौकरी और सारी सरकारी सुविधाएं देने की मांग की है। कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सहमति नहीं दे देती, तब तक प्रदेश में शिक्षक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे। वहीं इस मामले पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (UP Secondary Teachers Association)  की तरफ से भी मूल्यांकन कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। संघ के नेता शिक्षक दल एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस घटना के विरोध स्वरूप पूरे प्रदेश में आज कॉपियों के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथी सभी जनपद अध्यक्षों, मंत्रियों व पदाधिकारी से अपेक्षा की गई है कि मूल्यांकन केंद्र पर 2 मिनट का मौन रख दिवंगत शिक्षक की मृत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस दुख को सहन करने की प्रार्थना करें। वहीं बताया जा रहा है कि अन्य जिलों में भी शिक्षक संगठनों के आह्वान का असर देखने को मिल रहा है। शिक्षक की नृशंस हत्या से उनमें गहरी नाराजगी है। सभी शिक्षक के परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं।

माध्यमिक शिक्षक संघ (Secondary Teachers Association) के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व एमएलसी सुरेश कुमार त्रिपाठी  (State President former MLC Suresh Kumar Tripathi) , शिक्षक नेता रामेश्वर पांडेय व रविभूषण आदि ने धर्मेन्द्र कुमार के परिजनों को उचित मुआवजा, मूल्यांकन ड्यूटी में लगे शिक्षकों को समुचित सुरक्षा देने की मांग उठाई। एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, केपी इंटर कॉलेज, केसर विद्यापीठ, भारत स्काउट एवं गाइड आदि स्कूलों में भी शिक्षकों ने बहिष्कार किया और कॉपियां नहीं जांची। गौरतलब है कि धर्मेन्द्र के साथ ड्यूटी कर रहे आरक्षी ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी है।

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