Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. भाजपा करती है नकारात्मक राजनीति, छात्रों-नौजवानों के प्रति इस सरकार की नीयत साफ नहीं: अखिलेश यादव

भाजपा करती है नकारात्मक राजनीति, छात्रों-नौजवानों के प्रति इस सरकार की नीयत साफ नहीं: अखिलेश यादव

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि छात्र-नौजवानों की ताकत के सामने भाजपा की अहंकारी सरकार को झुकना पड़ा। प्रधानमंत्री को बचाने के लिए मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफे के बाद भाजपा सांसदों ने राहत की सांस ली।

पढ़ें :- मेटा की सफाई से संतुष्ट नहीं केंद्र सरकार, पीएम मोदी के वीडियो मामले में शीर्ष अधिकारियों को किया तलब

गुरुवार को बदायूं के एक दिवसीय दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार दिल्ली में छात्रों-नौजवानों पर हुई बर्बरता पर संसद में बयान दे। छात्रों-नौजवानों पर लाठियां चली, पैलेट गन चला, कील लगी लाठियां मारी गयीं। छात्रों को पता है लाठियां कहां से चली लेकिन चलाने वालों को नहीं पता है कि किसके आदेश से लाठी और गोली चली। भाजपा सरकार ने छात्रों पर अत्याचार किया।

उन्होंने कहा, भाजपा के लोग अलोकतांत्रिक है। छात्रों पर लाठी, गोली चलाना, सिर फोड़ना, घायल करना और बेटियों के कपड़े फाड़ना बर्बरता है। भाजपा नकारात्मक राजनीति करती है। छात्रों-नौजवानों के प्रति भाजपा सरकार की नीयत साफ नहीं है। उत्तर प्रदेश में जबसे भाजपा सरकार आयी है 20 से ज्यादा पेपर लीक हुए है। भाजपा सरकार ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया। इस सरकार ने उत्तर प्रदेश में 26 हजार से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए। इन्होंने सिर्फ स्कूल ही बंद नहीं किये बल्कि भाजपा सरकार ने लाखों नौकरियां भी खत्म कर दी। नौकरियां छीन ली। भाजपा सरकार गरीबों को शिक्षा से दूर कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के एक रंगी लोग संत रविदास के विचारों पर नहीं चलते है। ये लोग संत रविदास के विचारों पर अमल नहीं करते है। भाजपा संत शिरोमणि रविदास जी और बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को नहीं मानती है। अखिलेश यादव ने बदायूं पहुंचकर पूर्व मंत्री ओमकार सिंह यादव के निधन पर शोक प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी। ओमकार सिंह यादव के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा, ओमकार सिंह यादव ने संघर्ष कर राजनीति में अपना स्थान बनाया। समाजवादी सिद्धांतों को मजबूत किया। नेताजी का साथ दिया। हर व्यक्ति के दुःख दर्द में शामिल होते थे। कठिन परिस्थितियों में भी जनता ने उनका साथ दिया।

पढ़ें :- अब पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने पुलिसिंग मॉडल पर उठाए सवाल, कहा- 'यह ब्रिटिश दौर की व्यवस्था'
Advertisement