लखनऊ। यूपी कांग्रेस (UP Congress) ने अपने अधिकारिक एक्स पर एक वीडियो शेयर कर लिखा कि राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा आज राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) पर उठ रहे सवालों पर आखिर खामोश क्यों है?
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पार्टी ने लिखा कि SIT की जांच में सामने आया है कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के रिश्तेदार मंदिर के विभिन्न व्यवस्थागत कार्यों में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे थे। वहीं जमीन खरीद में सर्किल रेट से कई गुना अधिक कीमत चुकाने और निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा आज राम मंदिर ट्रस्ट पर उठ रहे सवालों पर आखिर खामोश क्यों है?
SIT की जांच में सामने आया है कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के रिश्तेदार मंदिर के विभिन्न व्यवस्थागत कार्यों में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे थे। वहीं जमीन खरीद में सर्किल… pic.twitter.com/NUcpW5nZzn
— UP Congress (@INCUttarPradesh) June 22, 2026
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कांग्रेस ने कहा कि करोड़ों लोगों ने राम मंदिर को अपनी श्रद्धा का केंद्र माना, लेकिन अगर उस श्रद्धा को कुछ लोगों ने निजी व्यवस्था और रिश्तेदारी के नेटवर्क में बदल दिया, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। सवाल सिर्फ ट्रस्ट का नहीं, उन लोगों का भी है जिन्होंने राम मंदिर के नाम पर नैतिकता और ईमानदारी की राजनीति का दावा किया था। पार्टी ने सवाल दागा कि अब देश जानना चाहता है कि जवाब मिलेगा या फिर आस्था के नाम पर हर सवाल को दबाने की कोशिश होगी?