लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक वीडियो शेयर कर भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, भाजपा राज में ‘मंदी’ और ‘बंदी’ के सिवा देश के कारोबार को कुछ और हासिल नहीं हुआ है। सच सिर्फ़ इतना है कि भ्रष्ट भाजपाई सारा व्यापार कुछ ‘महा-मुनाफ़ाख़ोरों’ के हाथों में दे देना चाहते हैं, जिससे उन्हें अरबों का राजनीतिक और व्यक्तिगत चंदा एक मुश्त मिल सके और वो इस ‘महा-भ्रष्टाचार’ के सहारे पैसा बांटकर सरकार बनाते रहें लेकिन अब ये ‘कुटिल भाजपाई चाल’ हर व्यापारी और उनके परिवार के लोग समझ गये हैं।
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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “ये हम नहीं हमारी लाशें खड़ी हैं।” भाजपा की सरकार के ख़िलाफ़ दिया गया एक व्यापारी के परिवार का ये आक्रोशित कथन, भाजपा के लिए डूब मरने से कम नहीं है। दरअसल अब समाज का हर वर्ग ये समझने लगा है कि भाजपा केवल चंद अरबपतियों और विशाल कारपोरेट की ही हितैषी है और छोटे कारोबारियों को ख़त्म कर देना चाहती है। भाजपा इसके लिए बहाना ये बनाती है कि छोटे व्यापारी या दुकानदार टैक्स चोरी करते हैं। आज देशभर के व्यापारी संघ भाजपा से एक सवाल कर रहे हैं कि ‘जब देश और दुनियाभर के ये बड़े-बड़े व्यापारी नहीं थे तो क्या देश को टैक्स नहीं मिलता था?’
“ये हम नहीं हमारी लाशें खड़ी हैं।” भाजपा की सरकार के ख़िलाफ़ दिया गया एक व्यापारी के परिवार का ये आक्रोशित कथन, भाजपा के लिए डूब मरने से कम नहीं है।
दरअसल अब समाज का हर वर्ग ये समझने लगा है कि भाजपा केवल चंद अरबपतियों और विशाल कारपोरेट की ही हितैषी है और छोटे कारोबारियों को… pic.twitter.com/Zi7mo3cLVi
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 28, 2026
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सच सिर्फ़ इतना है कि भ्रष्ट भाजपाई सारा व्यापार कुछ ‘महा-मुनाफ़ाख़ोरों’ के हाथों में दे देना चाहते हैं, जिससे उन्हें अरबों का राजनीतिक और व्यक्तिगत चंदा एक मुश्त मिल सके और वो इस ‘महा-भ्रष्टाचार’ के सहारे पैसा बांटकर सरकार बनाते रहें लेकिन अब ये ‘कुटिल भाजपाई चाल’ हर व्यापारी और उनके परिवार के लोग समझ गये हैं क्योंकि काम-कारोबार ख़त्म होने से उनके पालन-पोषण, जीवन-यापन का सवाल खड़ा हो गया है। जिनके परिवार हैं वो ही ये दर्द समझ सकते हैं कि परिवार की भूख, घर के बड़े-बुजुर्गों की दवाई-देखभाल, बच्चों की पढ़ाई और घरवालों की छोटी-छोटी इच्छाओं की पूर्ति न कर पाने का दुख-दर्द क्या होता है। जिनके परिवार नहीं हैं वो अपने से आगे की कभी सोचते ही नहीं हैं।
भाजपाई की यही कमीशनख़ोरी और महा-मुनाफ़ाख़ोरों को दी गई खुली छूट ही हर चीज़ के दाम बढ़ने-महंगाई का कारण है। इससे मांग भी घटती जा रही है, क्योंकि भाजपाई की कारोबार और नौकरी विरोधी गलत नीतियों की वजह से फैली बेकारी-बेरोज़गारी के कारण बाज़ार में मंदी आ गयी है और ट्रेड डील के बाद तो बंदी आ ही जाएगी। इसीलिए अब से हर चुनाव में भाजपा को सबसे बड़ा झटका सड़कों पर जूझ रहे रेहड़ी-पटरी और ठेलेवालों से लेकर छोटे दुकानदारों, कारोबारियों, छोटे-बड़े कल-कारखानों और स्थानीय उद्यमियों और उद्योगपतियों से ही मिलेगा। भाजपा राज में ‘मंदी’ और ‘बंदी’ के सिवा देश के कारोबार को कुछ और हासिल नहीं हुआ है।