नई दिल्ली। देश में मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलमा-ए-हिंद (Jamiat Ulama-e-Hind) ने ज्ञानवापी मामले (Gyanvapi Case) में मुस्लिम पक्ष के तरफ से दिल्ली में अपनी बात रखी। जिसमें जमीयत (Jamiat) के पदाधिकारियों ने कहा है कि वह मामले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में लेकर जाएंगे। साथ ही आरोप लगाया कि कोर्ट का फैसला पूरी तरह से गलत है। हमारा पक्ष सुना नहीं गया।
पढ़ें :- सत्ता जाने के बाद हताश हो गए हैं राहुल गांधी, अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की प्रगति बर्दाश्त नहीं हो रही: केशव मौर्य
जमीयत (Jamiat) के पदाधिकारियों ने आगे कहा कि आजादी के बाद अब तक मुसलमान किस तरह की मुश्किल में घिरा है। मौजूदा समय में जिस तरह से अलग अलग मुद्दों को उठाया गया है। इससे ऐसा लगता है कि कानून की हिफाजत करने वाली अदालतों में ऐसी लचक पैदा हुई है, जिससे मजहबी मकामात पर कब्जा करने वालों की हिम्मत बढ़ी है।