नई दिल्ली। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ़ इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पश्चिम एशिया के संघर्ष-ग्रस्त जलक्षेत्रों में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। उन्हें बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यूनियन के महासचिव मनोज यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में कई जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय क्रू सदस्य फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष वाले क्षेत्र में हमारे कुल 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं और कुछ ईरानी तथा विदेशी जहाज भी हैं, जिन पर भारतीय क्रू सदस्य सवार हैं। संघर्ष क्षेत्र में लगभग 23 हजार भारतीय नाविक फंसे हुए हैं, जिनमें से अब तक केवल कुछ को ही बचाया जा सका है। बाकी अभी भी वहीं फंसे हुए हैं।
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फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ़ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि यूनियन ने कुछ नाविकों से संपर्क स्थापित किया है, जिन्होंने तत्काल बचाव की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर पीएम मोदी को दो पत्र लिखे हैं। हालांकि कुछ नाविकों को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाया जा चुका है, लेकिन अभी भी कई और नाविक ईरानी और इज़राइली जलक्षेत्रों में जहाजों पर फंसे हुए हैं। यादव ने जहाजों पर सवार लोगों की स्थिति पर भी चिंता जताई और बताया कि उनके पास सीमित मात्रा में ही सामान बचा है। उन्होंने कहा कि जहाजों पर अब केवल लगभग एक महीने का ही भोजन बचा है, जो कि अब बहुत कम होता जा रहा है। ईरानी जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों को यह भी नहीं पता कि उन पर हो रहे हमले ईरान की तरफ से हैं या इज़राइल की तरफ से। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही भारतीय एलपीजी कैरियर नंदा देवी गुजरात के जामनगर स्थित वाडिनार बंदरगाह पर पहुंचा था। यह जहाज अपने साथ 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आया था, जिसे लंगरगाह पर शिप-टू-शिप ट्रांसफर किया जाना था।