लखनऊ। यूपी (UP) में त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था (Three-Tier Panchayat Raj System) में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मंगलवार की शाम पांच बजे खत्म हो जाएगा। बता दें कि सोमवार 25 मई को शासन से ग्राम पंचायतों की व्यवस्था के मामले में कोई आदेश जारी हो सकता है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन स्तर पर तीन तरह के विकल्पों पर विचार चल रहा है। सबकी निगाहें उधर ही हैं कि इनमें से किस पर मुहर लगती है या इन तीन विकल्पों से इतर ग्राम पंचायत संचालन की कोई नई व्यवस्था सामने आती है।
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इन तीन विकल्पों में पहला है कि मौजूदा प्रधानों की अध्यक्षता वाली तीन या छह सदस्यीय समिति को संचालन के अधिकार दिए जाएं। दूसरे विकल्प में एडीओ (पंचायत) को प्रशासक बनाने, जबकि तीसरे में पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और प्रधान को शामिल करते हुए समिति बनाने जैसे प्रस्ताव हैं। माना जा रहा है कि मंगलवार प्रधानी के कार्यकाल का अंतिम दिन होने के कारण शासन से सोमवार को ग्राम पंचायतों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था की स्थिति साफ होने की पूरी उम्मीद है। पांच दिन पहले तक अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन (All India Village Pradhan Organization) ने भी लखनऊ में धरना देकर प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने या प्रधानों की अध्यक्षता वाली समिति को पंचायत संचालन का अधिकार देने की मांग उठाई थी।
अपनाया जा सकता है राजस्थान मॉडल
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन के पास तीन प्रस्ताव हैं। अंतिम निर्णय शासन को लेना है। यदि सरकार राजस्थान मॉडल (Rajasthan Model) को अपनाते हुए मौजूदा प्रधानों की अध्यक्षता वाली समिति को पंचायतों के संचालन का अधिकार देती है तो भी संभवतः वित्तीय अधिकार अफसरों के हाथों में रहेंगे। एक व्यवस्था पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और ग्राम प्रधान की तीन सदस्यीय समिति की भी अपनाई जा सकती है।
27 से लागू होगी नई व्यवस्था
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त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (Three-Tier Panchayat Raj System) में वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत चुनाव (Gram Panchayat Elections) के लिए मतदान अप्रैल माह में चार चरणों में कराया गया था, दो मई को परिणाम घोषित किया गया था। इसके बाद 25-26 मई को ग्राम पंचायतों की पहली बैठक हुई थी।