पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं, लेकिन महागठबंधन में अब तक सीटों को लेकर आम सहमति नहीं बन सकी है। करीब एक दर्जन सीटों पर फ्रेंडली फाइट है, महागठबंधन इन सीटों पर तालमेल बिठाने की कोशिशों में जुटा है। इसे देखते हुए कांग्रेस के सीनियर नेता और बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाए अशोक गहलोत बुधवार सुबह ही पटना पहुंच चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, गहलोत पटना में आज तेजस्वी यादव से मुलाकात कर सकते हैं, ताकि सीटों का हल निकाल जा सके. RJD और कांग्रेस के अलावा इंडिया गठबंधन के अन्य घटक दल यानी वाम दल, वीआईपी आदि के नेताओं की भी आपस में बैठक हो सकती है। महागठबंधन कल पटना में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अपना चुनाव प्रचार शुरू करेगा।
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इंडिया गठबंधन पटना में गुरुवार सुबह ग्यारह बजे साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर गठबंधन में ऑल इज वेल और एकजुटता का संदेश देगा। वहीं राहुल गांधी तेजस्वी साथ संयुक्त सभा कर चुनाव प्रचार की शुरुआत भी कर सकते हैं।
तेजस्वी को सीएम फेस बनाने पर ऐतराज नहीं
कहा तो ये भी जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम फेस घोषित किया जा सकता है। हालांकि तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार घोषित करने को लेकर कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि ये हमारी प्राथमिकता नहीं है,लेकिन आरजेडी ने शर्त रखी तो हमें ऐतराज भी नहीं है, क्योंकि बिहार में RJD सबसे बड़ी पार्टी है।
तेजस्वी के सीएम फेस पर कांग्रेस में दो राय
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तेजस्वी को सीएम फेस घोषित करने को लेकर पार्टी में दो राय नजर आ रही हैं. प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और पप्पू यादव जैसे नेता सीएम का चेहरा घोषित करने के पक्ष में नहीं नहीं हैं. जबकि सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह स्पष्ट तौर पर तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं.
पप्पू यादव की पहली पसंद तेजस्वी नहीं बल्कि राहुल गांधी
महागठबंधन का हिस्सा और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सीएम फेस पर कहा कि जनता इंडिया गठबंधन को वोट देने के लिए उत्सुक है। लोग नई सरकार बनाना चाहते हैं। गठबंधन के पास राहुल गांधी के तौर पर सबसे बड़े नेता हैं। अगर उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा तो पिछड़े समुदाय, एससी, एसटी के लोगों का वोट मिलेगा। पप्पू यादव ने कहा कि किसी भी सीएम चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा जाना चाहिए, यह इंडिया गठबंधन के लिए अच्छा नहीं होगा। चुनाव के बाद भले ही किसी को भी मुख्यमंत्री बनाया जाए , लेकिन चुनाव से पहले चेहरा राहुल गांधी ही होने चाहिए।
बिहार में 23 अक्टूबर को दूसरे चरण के चुनाव के लिए नाम वापसी का अंतिम दिन है। फिलहाल आधा दर्जन से ज़्यादा सीटों पर फ्रेंडली फाइट देखी जा रही है। चार सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी के उम्मीदवार आमने–सामने हैं। नाम वापसी की डेडलाइन से ठीक पहले ज्यादातर सीटों पर सहमति बनाने की इंडिया गठबंधन के नेताओं की कोशिश रहेगी।