Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति थी खराब, व्यापारी खुद को नहीं महसूस करते थे सुरक्षित: सीएम योगी

2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति थी खराब, व्यापारी खुद को नहीं महसूस करते थे सुरक्षित: सीएम योगी

By शिव मौर्या 
Updated Date

मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दानवीर भामाशाह जी की जयंती के अवसर पर ‘पीतल नगरी’ मुरादाबाद में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर मुरादाबाद नगर, मुरादाबाद देहात और कुंदरकी विधान सभा क्षेत्रों सहित नगर निगम एवं मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की ₹365 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। साथ ही, जीएसटी भुगतान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यापारी बंधुओं को सम्मानित किया तथा विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए।

पढ़ें :- योगी सरकार का एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स पर बड़ा एक्शन, पनीर-घी-खोया समेत सब बैन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यापारी कल्याण दिवस के अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जो भी उद्यमी या व्यापारी जीएसटी में पंजीकरण कराता है, यदि उसके साथ कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना होती है, तो डबल इंजन सरकार उसके परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।

मुरादाबाद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारी वर्ग की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सीएम योगी ने कहा कि आज का मुरादाबाद पहले के मुकाबले पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि पहले और आज के मुरादाबाद में जमीन-आसमान का अंतर है। सरकार की विकास योजनाओं, बेहतर कानून व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से जिले ने नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और सुशासन के माध्यम से हर क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा कि उस समय युवाओं के लिए रोजगार नहीं था, किसानों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे।

 

पढ़ें :- Video-पत्नि से विवाद के बाद पति ने सेल्फी लेकर, 11 म​हीने की बेटी को पुल से यमुना में फेंका, 3 दिन बाद बच्ची का जन्मदिन था
Advertisement