लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम गबन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उधर, एसआईटी भी मामले की जांच कर रही है। एसआईटी इस मामले में संदिग्धों से पूछताछ के साथ ही कई अहम ब्योरा जुटा रही है। हालांकि, इसको लेकर देशभर में सियासी बवाल मचा हुआ है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसआईटी की रिपोर्ट को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि, कहीं जांच रिपोर्ट न चोरी हो जाए।
पढ़ें :- UP News: अखिलेश-मुलायम की फोटो के साथ लगाई गई विवादित होर्डिंग, सपा नेताओं ने फाड़े पोस्टर
दरअसल, अखिलेश यादव लगातार राम मंदिर में चढ़ावे की रकम गबन मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसके साथ ही सरकार को घेर भी रहे हैं। अब उन्होंने एसआईटी की रिपोर्ट पर तंज कसा है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, SIT ध्यान रखे… कहीं जांच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए। फिर कहेंगे 15 दिन और इंतज़ार कर लो। दिन इसलिए बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सबूत ठिकाने लगा रहे हैं।
SIT ध्यान रखे… कहीं जाँच की रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए।
फिर कहेंगे 15 दिन और इंतज़ार कर लो। दिन इसलिए बढ़ा रहे हैं, क्योंकि सबूत ठिकाने लगा रहे हैं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 21, 2026
पढ़ें :- सोनम वांगचुक जी से हमारा आग्रह है अपना अनशन तोड़ दें, भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है: अखिलेश यादव
एसआईटी को मिले कई अहम सबूत
सूत्रों की माने तो जांच के लिए गठित एसआईटी टीम को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। एसआईटी की जांच में ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दान राशि की गणना करने वाले कर्मियों और बैंककर्मियों के साथ चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव की भूमिका भी सामने आई है।
सवालों के घेरे में चंपत राय
वहीं, इस पूरे मामले में सवालों के घेरे में चंपत राय भी हैं। जांच में चढ़ाए गए जेवरात में बड़ी गड़बड़ी पाए जाने की बात सामने आई है। सोने, चांदी और हीरे जड़ित जेवरात का हिसाब-किताब ट्रस्ट के पदाधिकारी नहीं दे सके। एसआईटी ने करोड़ों की कीमत के जेवरात के हेरफेर की आशंका जताई है। छह जून को राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आया था।