पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: सोनौली बॉर्डर पर ट्रकों की लंबी कतारें अब आम बात हो गई हैं। कई किलोमीटर तक लगने वाला जाम न सिर्फ व्यापारियों बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों के लिए भी अभिशाप साबित हो रहा है। पर्यटकों का कहना है कि इस मार्ग से यात्रा करना अब जोखिम भरा हो गया है—“सुरक्षित पहुंचेंगे या नहीं, यह तो भगवान ही जानता है।”
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‘कटिंग’ के नाम पर खेल, पुलिस की मिलीभगत के आरोप
सूत्रों के मुताबिक, बॉर्डर पर जाम हटाने के नाम पर एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो कथित तौर पर स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से मालवाहक ट्रकों को सर्विस लेन के जरिए आगे बढ़ाता है। इसके एवज में वसूली का खेल चलता है।
पहले से लाइन में खड़े वाहन कई दिन फंसे रहते हैं, जबकि दलालों के जरिये आए ट्रक दूसरी लेन से बॉर्डर पार करा दिए जाते हैं। यही वजह है कि टूरिस्टों की गाड़ियाँ भी घंटों तक जाम में पिसती रहती हैं। सवाल करने पर कई बार अभद्रता तक की शिकायतें सामने आती हैं।
नौतनवा में रैक आते ही बिगड़ता संतुलन
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ट्रक चालकों हरजीत सिंह, राम प्यारे, अफजल और हरी प्रसाद बताते हैं कि नौतनवा रेलवे स्टेशन पर रैक आने के बाद स्थिति और नाजुक हो जाती है। प्रतिदिन 70–80 ट्रकों को सर्विस लेन से आगे निकाल दिया जाता है, जबकि बाकी को कई-कई दिन इंतजार करना पड़ता है।
नेपाल प्रशासन भी चिंतित, बढ़ाई गई सीमा खुलने की अवधि
नेपाल के बेलहिया कस्टम चीफ हरिहर पौडेल ने बताया कि रोजाना 300 से अधिक मालवाहक नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं। भीषण जाम को देखते हुए सीमा को अगले तीन दिनों तक रात 12 बजे तक खुला रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि दबाव कम किया जा सके।
कड़ी कार्रवाई की मांग तेज
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, रुपन्देही-3 के सभापति मधु आर्याल ने कहा कि भारत-नेपाल व्यापार बेहद महत्वपूर्ण है, और इसे बाधित करने वालों पर कार्रवाई अवश्य होगी। ‘कटिंग’ गैंग की सूचना भारतीय दूतावास तक पहुंचा दी गई है।