नई दिल्ली। 1 नवंबर 2025 से आधार कार्ड से जुड़ी कई अहम सुविधाएं पूरी तरह बदलने जा रही हैं। अब न तो लंबी लाइनों में लगने की जरूरत होगी और न ही बार-बार आधार सेवा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ेंगे। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे अब आधार अपडेट करना पहले से कहीं आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगा। आइए इन बदलाव के बारे में जानें।
पढ़ें :- मोदी सरकार के संकटनाशक बन कर आए नंदन नीलेकणी , कभी कांग्रेस की टिकट में लोकसभा चुनाव लड़े थे
अब ऑनलाइन ही आधार होगा अपडेट
पहले नाम, पता, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर में कोई भी सुधार कराने के लिए आपको आधार सेवा केंद्र जाना पड़ता था। लेकिन अब 1 नवंबर से यह पूरा प्रोसेस ऑनलाइन किया जा सकेगा। UIDAI ने नया सिस्टम तैयार किया है, जिसमें आपकी दी गई जानकारी अपने आप सरकारी डाटाबेस से वेरिफाई हो जाएगी, जैसे PAN कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड के जरिए। इससे आधार अपडेट की प्रक्रिया और भी सुरक्षित और तेज बन जाएगी।
नई फीस स्ट्रक्चर के अनुसार
नाम, पता या मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए शुल्क: 75 रुपये
पढ़ें :- अब सिर्फ 75 रुपये में बनेगा ATM जैसा मजबूत आधार कार्ड, टूटेगा-फटेगा नहीं, घर बैठे ऐसे करें ऑर्डर
फिंगरप्रिंट, आइरिस या फोटो अपडेट: 125 रुपये
5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट फ्री
ऑनलाइन डॉक्युमेंट अपडेट 14 जून 2026 तक मुफ्त, इसके बाद केंद्र पर 75 रुपये शुल्क लगेगा
आधार रीप्रिंट करवाने पर 40 रुपये
होम एनरोलमेंट सर्विस: पहले व्यक्ति के लिए 700 रुपये, उसी पते पर हर एक्स्ट्रा व्यक्ति के लिए 350 रुपये
पढ़ें :- Good News : घर बैठे बिना डॉक्यूमेंट के दो मिनट में Aadhaar में मोबाइल नंबर होगा अपडेट, अब कहीं नहीं जाने की होगी जरूरत
आधार-पैन लिंकिंग अब जरूरी
UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर पैन कार्ड धारक को 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। अगर आपने यह नहीं किया, तो 1 जनवरी 2026 से आपका पैन इनएक्टिव हो जाएगा। इससे न तो आप टैक्स रिटर्न फाइल कर पाएंगे और न ही किसी लेनदेन में पैन का उपयोग कर सकेंगे।
आसान होगा KYC प्रोसेस
अब बैंक या वित्तीय संस्थानों में KYC कराना बेहद आसान हो गया है। आप तीन तरीकों से KYC पूरा कर सकेंगे- Aadhaar OTP वेरिफिकेशन से, वीडियो KYC से या फेस-टू-फेस वेरिफिकेशन। इससे KYC प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और समय बचाने वाली हो जाएगी।