उज्जैन। उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग (Ujjain-Jhalawar National Highway) जल्द ही फोरलेन में तब्दील होगा। इसके लिए एनएचआई और एमपीआरडीसी (NHAI and MPRDC) के बीच अनुबंध हुआ है। दरअसल बीते दिनों भोपाल में आयोजित जीआईएस (GIS) के दौरान सरकार को प्रदेश में निवेशकों के प्रस्ताव मिले है । इसके बाद से ही मोहन सरकार (Mohan Government) न केवल उत्साहित है वहीं निवेशकों की सुविधा और सुगम यातायात के मामले में पर भी सूबे के सीएम मोहन यादव ने फोकस करना शुरू कर दिया है और यही कारण है कि लंबे समय से अटके उज्जैन झालावाड़ मार्ग को भी फोरलेन में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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दो दिवसीय जीआईएस (GIS) के दौरान मिले बड़े निवेश प्रस्तावों से उत्साहित प्रदेश की मोहन सरकार (Mohan Government) ने निवेशकों की सुविधा और सुगम यातायात पर फोकस करना शुरु कर दिया है। यही वजह है कि अब प्रदेश में अगले पांच सालों में बेहतर सडक़ों के निर्माण पर एक लाख करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर ली गई है। अच्छी सडक़ों की वजह से प्रदेश में होने वाले औद्योगिक उत्पादन की ढुलाई में आसानी होगी। इन सडक़ों के निर्मण के लिए शासन स्तर पर बहुत तेजी से काम किया जा रहा है। इसके तहत अनुबंध से लेकर मार्ग बनाने में आने वालीं बाधाओं को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत इन पांच सालों में प्रदेश में चार से लेकर छह लेन वाली सडक़ों का निर्माघ किया जाएगा, जिससे कहीं भी कोई जाम जैसे हालात न बने।
प्रदेश में चार लेन वाले बनाए जाने वाले मार्गों के लिए एनएचआई और एमपीआरडीसी (NHAI and MPRDC) के बीच अनुबंध किया गया है। इसमें भोपाल, इंदौर और जबलपुर के अलावा प्रयागराज, जबलपुर नागपुर एक्सप्रेस वे, लखनादौन-रायपुर एक्सप्रेस वे, उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, जबलपुर-दमोह, सतना-चित्रकूट, जैसे रास्तों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोडक़र इन्हें फोरलेन बनाया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर के पूर्वी और पश्चिमी ओर नई रिंग रोड का भी निर्माण कराया जाएगा। ग्वालियर के पश्चिमी छोर पर भी रिंग रोड बनेगा।
भोपाल : मध्यप्रदेश से अक्षय की रिपोर्ट