लखीमपुर खीरी। यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में निजी अस्पताल के लापरवाह रवैये ने एक नवजात बच्चे की जान ले ली। नवजात का शव झोले में रखकर पिता शुक्रवार दोपहर डीएम कार्यालय (DM Office) पहुंचा तो खलबली मच गई। इसके बाद मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ संतोष गुप्ता (CMO Dr. Santosh Gupta) ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की।
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शुक्रवार को डीएम कार्यालय (DM Office) पहुंचे थाना भीरा क्षेत्र के गांव नौसर जोगी निवासी विपिन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी रूबी को महेवागंज स्थित गोलदार हॉस्पिटल (Goldar Hospital) में भर्ती कराया था। जहां डिलीवरी के दौरान रूबी की तबीयत खराब हो गई। उसे आनन-फानन दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने बताया कि दवा गलत की वजह से गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई है। डॉक्टर ने महिला की डिलीवरी कराई।
पीड़ित पिता नवजात के शव को झोले में रखकर डीएम कार्यालय पहुंच गया। जहां मौजूद सीएमओ से न्याय की गुहार लगाई। मामले की जानकारी होते ही सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता (CMO Dr. Santosh Gupta) , सदर एसडीएम अश्वनी कुमार (Sadar SDM Ashwani Kumar) व शहर कोतवाल हेमंत राय (City Kotwal Hemant Rai)ने मौके पर पहुंचकर कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोप है कि वहां डॉक्टर ने इलाज के लिए 25000 रुपये की डिमांड बेबस पिता से की थी। उसके पास 5000 रुपए थे जो उसने अस्पताल में जमा कर दिए और डॉक्टर से इलाज शुरू करने को कहा, लेकिन पूरे रुपए जमा न करने के कारण प्रसूता के पेट मे ही नवजात की मौत गई, जिसके चलते बेबस पिता ने अपने नवजात मृत बच्चे के शव को झोले में रखा और बच्चे को पुनः जीवित करने की मांग करते हुए डीएम के पास पहुंच गया। इसके अलावा डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने प्रसूता के इलाज का खर्च स्वयं उठाने की जिम्मेदारी है।
गोलदार अस्पताल सील, भर्ती मरीजों को जिला महिला अस्पताल कराया जा रहा है शिफ्ट
नवजात की मौत के प्रकरण में जिला प्रशासन ने गोलदार अस्पताल को सील कर दिया है। भर्ती मरीजों को जिला महिला अस्पताल शिफ्ट कराया जा रहा है। DM के निर्देश पर ADM एके रस्तोगी सृजन अस्पताल पहुंचे, प्रसूता का हालचाल लिया। बेहतर इलाज के निर्देश दिए। जिला प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है।
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रिपोर्ट: शुभम शक्ति धर त्रिपाठी, लखीमपुर खीरी