1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. UP News : गर्मी में बेपटरी हो सकती है बिजली व्यवस्था, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सीएम योगी को लिखा पत्र

UP News : गर्मी में बेपटरी हो सकती है बिजली व्यवस्था, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सीएम योगी को लिखा पत्र

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद (State Electricity Consumer Council) के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि वर्टिकल व्यवस्था के चलते गर्मी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो सकती है। जिन शहरों में वर्टिकल व्यवस्था लागू की गई है वहां के हालात मार्च के पहले ही सप्ताह में खराब हैं।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद (State Electricity Consumer Council) के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि वर्टिकल व्यवस्था के चलते गर्मी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो सकती है। जिन शहरों में वर्टिकल व्यवस्था लागू की गई है वहां के हालात मार्च के पहले ही सप्ताह में खराब हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखने की मांग की है।

पढ़ें :- बरेली में बहू की पिटाई से आहत सास ने खाया जहर, पिटाई का वीडियो वायरल

उन्होंने कहा, कि वर्टिकल व्यवस्था से उपभोक्ता परेशान हैं। विद्युत दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ी है। 1912 हेल्पलाइन केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान नहीं हो पा रहा है। इस बार पीक डिमांड गर्मी में 32000 मेगावाट से लेकर 33000 मेगावाट के बीच में रहने वाली है। कहा, प्रदेश में करीब 3.72 करोड़ विद्युत उपभोक्ता हैं। कुल स्वीकृत भार लगभग 8 करोड़ किलोवाट से अधिक है, जबकि 132 केवी सब-स्टेशनों की उपलब्ध क्षमता लगभग 6 करोड़ किलोवाट है। ऐसे में दो करोड़ किलोवाट के अंतर को नियंत्रित रखना बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि अभी भी वक्त है। पॉवर कॉर्पोरेशन बिजली कंपनियों में प्रयोगात्मक बदलाव बंद कर व्यावहारिक एवं उपभोक्ता केंद्रित व्यवस्था पर ध्यान दे।

सरकार की छवि खराब करने की साजिश

उन्होंने कहा, कि यदि भविष्य में विद्युत व्यवस्था विफल होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी कुछ चुनिंदा उच्च अधिकारियों की होगी, जो उपभोक्ताओं को मुसीबत में डालकर सरकार की छवि खराब करना चाहते हैं। परिषद ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि ग्रीष्मकाल प्रारंभ होने से पूर्व विद्युत व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का गंभीरता से आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। अगर उपभोक्ताओं को दिक्कत हो तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

पढ़ें :- पीएम मोदी देश के युवाओं का सपना तोड़कर, उन्हें बेच रहे हैं विकसित भारत का चश्मा : कन्हैया कुमार
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...