Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी ने बनाया 9 साल में 9 लाख से अधिक नौकरी देने का रिकॉर्ड : सीएम योगी

यूपी ने बनाया 9 साल में 9 लाख से अधिक नौकरी देने का रिकॉर्ड : सीएम योगी

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के 357 नव-चयनित कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा, ‘मिशन रोजगार’ को और गति देते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा यह भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न की गई, जो सुशासन और अवसर की समानता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पढ़ें :- UP Cabinet Expansion: यूपी में कैबिनेट विस्तार की आ गई फाइनल डेट, ये विधायक बनेंगे मंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि, कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति, स्पष्ट नीति और साफ नीयत हो तो परिणाम स्वतः सामने आते हैं। उसी दिशा में किए गए सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि अब तक हमने 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। देश में किसी भी राज्य द्वारा पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न की गई यह सबसे बड़ी नियुक्ति प्रक्रिया का रिकॉर्ड है।

उन्होंने कहा, अगले एक वर्ष, अर्थात 2026–27 में, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग तथा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से डेढ़ लाख से अधिक भर्तियों की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली करते हुए जो भी व्यक्ति पाया जाएगा, उसके विरुद्ध आजीवन कारावास की सजा तथा संपूर्ण संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। हमारे पास इसके लिए सख्त कानून है और उसका प्रभावी रूप से पालन भी किया जाता है।

पढ़ें :- यूपी विधानसभा चुनाव 2027 और भविष्य की रणनीति पर बृजभूषण शरण सिंह की चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को दिया जन्म

मुख्यमंत्री ने कहा कि, हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त कर एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़े। इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करते हैं, लेकिन जब अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, तो न केवल उस युवा के सपने टूटते हैं, बल्कि उसके माता-पिता और परिवार से जुड़े अन्य लोगों की उम्मीदें भी चकनाचूर हो जाती हैं। किसी युवा के सपनों का टूटना केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा है। उत्तर प्रदेश की ‘बीमारू राज्य’ के रूप में पहचान बनाने में चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव, बेईमानी और भ्रष्टाचार की भूमिका थी। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं इतनी अधिक थीं कि न्यायालय को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता था।

 

 

Advertisement