नई दिल्ली। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके विधायक ओ. पन्नीरसेल्वम पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं। उनकी नई नाराजगी डीएमके के साथ है। वह पार्टी में कोई भूमिका नहीं मिलने से नाराज चल रहे हैं। आपको बता दें कि उन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़ने की खबरों का खंडन किया था। सूत्रों का कहना है कि डीएमके में शामिल हुए छह महीने बीत जाने के बाद भी वे और उनके बेटे दोनों को ही पार्टी के भीतर कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।
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बीते विधानसभा चुनाव में थेनी सीट से विधायक बनने के बावजूद पन्नीरसेल्वम को थेनी लोकसभा क्षेत्र में कोई अहम भूमिका या जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। इसका मुख्य कारण यह माना जा रहा है कि वहां से डीएमके सांसद थंगा तमिल सेल्वन का निर्वाचन क्षेत्र में दबदबा कायम है और वे ही वहां के राजनीतिक मामलों को देख रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में अपनी उपेक्षा और कोई महत्वपूर्ण पद न मिलने से निराश होकर ओ. पन्नीरसेल्वम और उनके बेटे ओपी रवींद्रनाथ अब डीएमके (DMK) को अलविदा कहने और अभिनेता-नेता विजय की पार्टी तमिझागा वेत्री कड़गम (TVK) में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। आपको बता दें कि तमिलनाडु में चुनावों में अपने इतिहास में पहली बार तीसरे स्थान पर खिसकने और लगातार चुनावी हार का सामना करने के बाद, तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक में भी हाल के दिनों टूट का सिलसिला जारी रहा। बीते महीने चार लोकप्रिय पूर्व मंत्रियों और कई पूर्व विधायकों ने अन्नाद्रमुक का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री विजय की सत्ताधारी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) का दामन थाम लिया था।
इन नेताओं ने थामा TVK का दामन
टीवीके में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता उडुमलाई के. राधाकृष्णन, एम.सी. संपत, कड़म्बूर सी. राजू और एन.आर. शिवपति शामिल हैं। इनमें से राधाकृष्णन, संपत और राजू ने क्रमशः उडुमलपेट, कुड्डालोर और कोविलपट्टी सीटों से हालिया विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वे जीत नहीं पाए थे। इन सभी नेताओं ने पूर्वी तट मार्ग (ईसीआर) पर स्थित पनायुर उपनगर में टीवीके के मुख्य कार्यालय का दौरा किया। वहां उन्होंने टीवीके के महासचिव आनंद और चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव आधाव अर्जुना से मुलाकात की और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसके अलावा अन्नाद्रमुक के कई पूर्व विधायक शामिल हुए हैं।