नई दिल्ली। टैरिफ मुद्दे पर अमेरिका से तनाव के बीच भारत का दोस्त रूस एक बार फिर आगे आया है। बता दें कि भारत और रूसी नेतृत्व वाले यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर वार्ता शुरू हो गई है। इस बाबत बुधवार को दोनों पक्षों ने टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस (Terms of Reference) पर हस्ताक्षर भी किए। यह समझौता भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (Indian Foreign Minister S Jaishankar) के मॉस्को दौरे के दौरान भारत के वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भाडू (Ajay Bhadu) और ईएईयू (EAEU) की व्यापार नीति विभाग के उप निदेशक मिखाइल चेरेकैव (Mikhail Cherkaev) के बीच हुआ।
पढ़ें :- अपने बूथ पर काम करें, 2027 में कोई चूक नहीं होनी चाहिए...प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं से बोले अखिलेश यादव
वार्ता की औपचारिक शुरुआत की रूपरेखा और भविष्य की संगठनात्मक व्यवस्थाओं पर चर्चा की। ईएईयू (EAEU) के व्यापार प्रभारी मंत्री आंद्रेई स्लेपनेव (Minister in charge of trade Andrei Slepnev) से मुलाकात के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह समझौता भारत और यूरेशियन देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा।
यूरेशियन आर्थिक संघ में कौन कौन देश?
बता दें कि यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (Eurasia) में स्थित पांच सोवियत-सोवियत राज्यों का एक आर्थिक संघ है। इसके सदस्य राष्ट्र रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान हैं। रूसी नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (Eurasia) के साथ एफटीए (FTA)को लेकर वार्ता शुरू करने के कई महत्वपूर्ण मायने हैं। सबसे अहम तो यह है कि अमेरिका से टैरिफ पर तनाव के बीच भारत अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है।
भारत और ईएईयू के बीच 2024 में 69 अरब डॉलर का हुआ व्यापार
पढ़ें :- US-Greenland Conflict : ग्रीनलैंड पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक, बोले-'अमेरिकी नियंत्रण से कम कुछ भी नामंजूर'
भारत और ईएईयू (EAEU) के बीच 2024 में 69 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, जो 2023 की तुलना में 7 फीसदी अधिक है। लगभग 6.5 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी (GDP)वाले इस समूह के साथ एफटीए (FTA) से भारत को नए बाज़ारों तक पहुंच, निर्यात वृद्धि, एमएसएमई को सहारा और निवेश बढ़ाने की उम्मीद है।