महाकुंभ नगर। प्रयागराज में इन दिनों आस्था और श्रद्धा का महापर्व चल रहा है। इस आयोजन में भाग लेने को देश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। वे यहां आकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami) ने भी सोमवार को परिवार संग त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर मां गंगा, यमुना और सरस्वती को नमन किया। उन्होंने महाकुंभ को धार्मिक महापर्व बताया। उन्होंने कहा कि संगम में डुबकी लगाना अपने आप में बहुत बड़े धर्म का काम है।
पढ़ें :- उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन टनल में हुआ भूस्खलन, सीएम बोले-हमारी प्राथमिकता वहां फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है
नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः।
नास्ति मातृसमं त्राण, नास्ति मातृसमा प्रिया।सनातन धर्म की आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक महाकुंभ:2025 (प्रयागराज) में माता जी को स्नान कराने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।#एकता_का_महाकुम्भ pic.twitter.com/I1lBmjRPqn
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 10, 2025
पढ़ें :- एकेटीयू को सुप्रीम कोर्ट से राहत, प्रवेश के लिए होगा एक और विशेष चरण, 19 से 27 अगस्त तक काउंसिलिंग
हरिद्वार में होने वाले कुंभ का किया जिक्र
सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने पत्रकारों से वार्ता में हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुम्भ की तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार अभी से इसकी तैयारियों में जुट गई है। जिससे हरिद्वार कुम्भ भी प्रयागराज की तरह ऐतिहासिक और सुविधाजनक बनाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड सरकार महाआयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएगी। साथ ही आयोजन को और भी ज्यादा भव्य और दिव्य बनाया जाएगा।
संगम में स्नान के दौरान मुख्यमंत्री धामी का पारिवारिक रूप भी देखने को मिला। वह बच्चे के साथ संगम की लहरों में हंसी-ठिठोली करते दिखे। इसके साथ ही उन्होंने परिवार संग तस्वीरें भी क्लिक कराईं। उन्होंने अपने X अकाउंट पर भी कई तस्वीरें साझा की हैं।
पतितपावनी माँ गंगा, माँ यमुना एवं माँ सरस्वती के परमपवित्र दिव्य त्रिवेणी संगम में महाकुंभ-2025 के अलौकिक एवं पुण्यदायी कालखंड में सपरिवार स्नान का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। pic.twitter.com/ZQ8E8tFjAO
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 10, 2025
पढ़ें :- जीजीआईसी बाराबंकी में गश खाकर गिरीं की 18 छात्राएं, सुबह प्रार्थना के बाद हुई घटना, सामने आई ये वजह
तस्वीरें पोस्ट करते हुए सीएम धामी ने लिखा कि ‘महाकुंभ शताब्दियों से अपनी अक्षुण्णता बनाए रखते हुए सनातन धर्म की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के माध्यम से कोटि जनों को धर्म व संस्कृति से जोड़ता आ रहा है। यह केवल आध्यात्मिक चेतना ही नहीं अपितु राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विश्व बंधुत्व का प्रतीक है जो मानवता को नैतिक मूल्यों एवं विश्व मंगल की ओर प्रेरित करता है।’
आज प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में माता जी को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।
वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो… pic.twitter.com/TDHu07wBUp
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 10, 2025
पढ़ें :- Video : मकान देखने गए दंपत्ति को गेट खुलते ही पिटबुल कुत्ते ने काट कर खून से कर दिया लथपथ, खड़े हो गए रोंगटे
वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा- ‘पतितपावनी मां गंगा, यमुना एवं सरस्वती के परमपवित्र दिव्य त्रिवेणी संगम में महाकुंभ-2025 के अलौकिक एवं पुण्यदायी कालखंड में सपरिवार स्नान का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अविस्मरणीय क्षण में पवित्र जलराशि से अभिसिक्त होकर आध्यात्मिक शुद्धि एवं दिव्यता का अद्वितीय अनुभव प्राप्त हुआ। तीर्थराज प्रयाग की पुनीत धरा पर ईश्वर से समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं राज्य की उन्नति के लिए प्रार्थना की।’
आदिकाल से अध्यात्म, ज्ञान व आस्था के पवित्र संगम ‘महाकुंभ’ में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया और प्रभु से समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।#एकता_का_महाकुम्भ pic.twitter.com/hNrUdycFnj
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 10, 2025
धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम
संगम में स्नान के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बड़े सौभाग्य की बात है कि मुझे भी यहां आस्था की डुबकी लगाने का अवसर मिला। प्रयागराज देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां आकर मन को असीम शांति और ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा सीएम धामी ने महाकुंभ में पूज्य संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संत ही समाज की दिशा तय करते हैं। हम उनके मार्गदर्शन से ही प्रेरणा लेते हैं और उनके आशीर्वाद से आगे बढ़ते हैं।