Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. VIDEO-अहमदाबाद प्लेन क्रैश में बड़ा चमत्कार, विमान के लोहे तक गल गए, पर श्रीमद्भगवद गीता मिली सुरक्षित

VIDEO-अहमदाबाद प्लेन क्रैश में बड़ा चमत्कार, विमान के लोहे तक गल गए, पर श्रीमद्भगवद गीता मिली सुरक्षित

By संतोष सिंह 
Updated Date

अमदाबाद : अहमदाबाद में गुरुवार 12 जून की दोपहर एयर इंडिया विमान क्रैश (Air India plane Crash) की घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन अब लगभग समाप्त हो चुका है। इस हादसे में 241 यात्रियों की जान चली गई, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Former Chief Minister of Gujarat Vijay Rupani) भी शामिल थे। इस भीषण हादसे में फ्लाइट में सवार सिर्फ एक यात्री की जान बची है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान साफ देखा जा सकता था कि धमाके बाद आग की लपटों ने विमान और आसपास की चीजों को किस कदर नुकसान पहुंचाया है?

पढ़ें :- अमेरिकी ट्रेड डील से पाकिस्तान को झटका, अब PoK बना भारत का अभिन्न हिस्सा, यूएसटीआर ने शरीफ को कश्मीर पर दिया साफ संदेश

इस दौरान रेस्क्यू टीम को एक श्रीमद्भगवद गीता (Shrimad Bhagwat Gita) मिली। संभवत: कोई यात्री इस पवित्र ग्रंथ को अपने साथ रखकर अहमदाबाद से लंदन की यात्रा कर रहा हो। जहां सभी सामान जलकर राख हो चुके थे, वहां श्रीमद्भगवद गीता (Shrimad Bhagwat Gita)  पूरी तरह सुरक्षित और पढ़ने योग्य अवस्था में थी। वहां मौजूद लोग इसे किसी चमत्कार की तरह देख रहे हैं।

पढ़ें :- टीम को लगा तगड़ा झटका विश्व कप से ठीक पहले टीम से बाहर हुए ईशान, कंधे का चोट बना कारण, इस खिलाड़ी को मिली टीम में इंट्री

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक व्यक्ति दुर्घटनास्थल पर मलबे के बीच से गीता के पन्नों को दिखाते नजर आ रहा है। मलबे में बुरी तरह जले और टूटे-फूटे विमान के हिस्सों के बीच श्रीमद्भगवद गीता (Shrimad Bhagwat Gita)  का सुरक्षित पाया जाना न केवल चमत्कारी माना जा रहा है बल्कि यह लोगों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बन गया है। घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति द्वारा गीता के पन्ने दिखाते हुए इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों की भावना को छुआ है।

इसी बीच लंदन स्थित एक हिंदू मंदिर में लगभग 100 लोग एकत्र हुए और मृतकों की आत्मा की शांति तथा पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना की। योगविवेकदास स्वामी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में प्रार्थना ही सबसे बड़ा सहारा है। उन्होंने कहा कि यह समय सामूहिक संवेदना और आत्मचिंतन का है।

आपको बता दें कि यह हादसा उस समय हुआ जब एअर इंडिया की लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 ने अहमदाबाद से उड़ान भरी और कुछ ही मिनटों बाद एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गई। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई। केवल एक यात्री रमेश विश्वाशकुमार जीवित बच सके। वे सीट संख्या 11A पर आपातकालीन द्वार के पास बैठे थे और समय रहते विमान से कूदकर जान बचाने में सफल हुए।

Advertisement