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Video : गुजरात में लिव-इन पार्टनर के हत्यारोपी को गाड़ी से बांधकर पीटा, पुलिस बोली- कड़ा संदेश जरूरी

By santosh singh 
Updated Date

भावनगर। गुजरात के भावनगर में लिव-इन पार्टनर (Live-in Partner) की हत्या के आरोपी की पुलिस पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। घटना उस समय की है, जब पुलिस हत्या की वारदात का घटनास्थल पर पुनर्निर्माण करा रही थी। इसी दौरान आरोपी फैजल लखानी (Faisal Lakhani) को रस्सियों से बांधकर घसीटते और डंडे से पीटते हुए देखा गया।

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नीलमबाग थाने (Neelambag Police Station) के पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट (Police Inspector DP Unadkat) ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि हत्या की क्रूरता और पुलिस की छवि को हुए नुकसान को देखते हुए इस मामले में पुलिस को एक कदम आगे जाना पड़ा। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि घटना के बाद लोगों का पुलिस और कानून-व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ था।

क्या घटनास्थल पर ही आरोपी की पिटाई की गई?

शनिवार को सामने आए वीडियो में फैजल लखानी को रस्सियों से बांधा गया था और उसे घटनास्थल के आसपास घसीटते हुए पुलिसकर्मी डंडे से मारते दिखाई दे रहे हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब पुलिस मामले की जांच के तहत वारदात का पुनर्निर्माण करा रही थी। पुलिस निरीक्षक डीपी उनाडकट ने कहा कि आरोपी ने महिला पर सार्वजनिक जगह पर हमला किया था और इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे थे।

पुलिस ने पिटाई को सही ठहराते हुए क्या कहा?

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निरीक्षक उनाडकट (Inspector Unadkat) के मुताबिक, लोगों में यह धारणा बन रही थी कि बदमाश महिलाओं और लड़कियों की हत्या कर रहे हैं और पुलिस असहाय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे बेहद गंभीर मामलों में अपराधियों को कड़ा संदेश देना जरूरी हो जाता है। पुलिस अधिकारी ने यह भी दावा किया कि घटना से पुलिस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था और इसी वजह से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

काजल बरैया की हत्या का मामला क्या है?

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काजल बरैया और फैजल लखानी करीब सात साल से भावनगर में एक फुटपाथ पर साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, फैजल के खिलाफ पहले भी लूट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जेल से बाहर आने के बाद फैजल को कथित तौर पर पता चला कि काजल उसके परिचित रवि के साथ रिश्ते में थी। इसके बाद गुरुवार को दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि फैजल ने काजल और रवि पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल काजल को सरकारी सर टी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार को फैजल को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।

क्या गुजरात में पुलिस की ऐसी कार्रवाई पर पहले भी रोक लगाई गई है?

इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में चल रही एक स्वत: संज्ञान वाली जनहित याचिका का भी उल्लेख सामने आया है। यह याचिका सूरत में पुलिस अधिकारी द्वारा कुछ आरोपियों की सार्वजनिक रूप से पिटाई से जुड़ी है। मामले में एमिकस क्यूरी ने बताया था कि राज्य के गृह विभाग ने 7 मई को एक सर्कुलर जारी कर पुलिस द्वारा इस तरह की सार्वजनिक कार्रवाई पर रोक लगाई थी।

पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

सर्कुलर के मुताबिक, आरोपियों को सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक करवाना, घुटनों के बल चलाना, लात मारना या डंडे से पीटना अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है। इसमें संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है। ऐसे में भावनगर में हत्या के आरोपी की सार्वजनिक पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और राज्य के पहले से जारी दिशा-निर्देशों के बीच सवाल खड़े हो गए हैं।

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