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VIDEO: DAV पीजी कॉलेज में उत्पीड़न से तंग छात्र ने किया आत्मदाह, प्रिंसिपल, बोला- 25 हजार का मोबाइल और ए​क लाख की बाइक, फिर कैसे गरीब ?

By संतोष सिंह 
Updated Date

मुज़फ्फरनगर। यूपी के मुज़फ्फरनगर जिले में शनिवार को एक चौंकाने वाली व हृदय विदारक घटना सामने आई है। बुढ़ाना तहसील में स्थित डीएवी पीजी डिग्री कॉलेज (DAV PG Degree College) के 24 साल के छात्र उज्ज्वल राणा (Ujjwal Rana) ने कथित तौर पर क्लासरूम के अंदर खुद को आग लगा ली। बता दें कि पीड़ित छात्र को सिर्फ 7,000 रुपये की बकाया फीस के कारण उसे एग्जाम देने की इजाज़त नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि बीए सेकंड ईयर के इस छात्र को ट्यूशन फीस न दे पाने वाले छात्रों की हालत के बारे में बोलने पर कॉलेज अधिकारियों के तरफ से बार-बार बेइज्ज़त और परेशान किया गया।

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कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन पर आरोप

घटना से पहले, राणा ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इसके अलावा एक हाथ से लिखा हुआ नोट छोड़ा है, जिसमें उसने प्रिंसिपल प्रदीप कुमार सिंह पर फिजिकल असॉल्ट और गाली-गलौज का आरोप लगाया। उसने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने मदद मांगी, तो पुलिस ने उसका साथ देने के बजाय एडमिनिस्ट्रेशन का साथ दिया, जिससे वह “विश्वास और न्याय के मामले में टूट गया। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, नोट में प्रिंसिपल के साथ-साथ तीन पुलिसवालों को भी अपनी परेशानी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया था। छात्र ने कहा कि अगर मेरे साथ कुछ भी होता है या मैं आत्महत्या करता हूं, तो इसके जिम्मेदार प्रिंसिपल प्रदीप कुमार, ASI नंद किशोर, कॉन्स्टेबल हरवीर और विनीत होंगे। उज्ज्वल के पिता हरेंद्र राणा ने बताया कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति कमजोर है। कॉलेज प्रशासन से फीस जमा करने के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी थी। हालांकि, प्रिंसिपल ने उनकी बात नहीं सुनी और परीक्षा फॉर्म स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

मैं चाहता हूं कि मुझे न्याय मिले, ताकि कोई और छात्र मेरे जैसी यातना न सहे : छात्र

छात्र ने कहा कि मेरी इज्जत सबके सामने मिट्टी में मिला दी गई। जब मैंने न्याय की मांग की, तो कॉलेज प्रशासन ने पुलिस बुला ली। आज मैं इतना टूट चुका हूं कि मेरा ईमानदारी और कानून पर विश्वास डगमगा गया है। मैं खुद से सवाल कर रहा हूं, सच्चाई के लिए आवाज उठाना गुनाह है। मैं अब भी उस दर्द से गुजर रहा हूं। मैं झुका नहीं हूं, मैं टूटा नहीं हूं। मैं चाहता हूं कि मुझे न्याय मिले, ताकि कोई और छात्र मेरे जैसी यातना न सहे।

फीस विवाद की घटना में प्रिंसिपल ने दिया ये शर्मनाक बयान

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DAV कॉलेज (DAV College) के प्रिंसिपल प्रदीप कुमार सिंह (Principal  Pradeep Kumar Singh) ने स्टूडेंट ने फीस बकाया होने पर खुद को आग लगाने की कोशिश की थी। मीडिया से कहा कि स्टूडेंट ने अपनी फीस में से सिर्फ़ 1,750 रुपये ही दिए हैं। हम एक सेमेस्टर की आधी फीस लेते हैं। इस स्टूडेंट ने बाकी फीस नहीं दी है और वह शायद ही कभी क्लास आता है। उसके पास 25,000 रुपये का मोबाइल फोन है और वह रोज़ाना मोटरसाइकिल से कॉलेज आता है, जिसमें पेट्रोल लगता है और जिसकी कीमत कम से कम 1 लाख रुपये है। उसे गरीब या दलित बैकग्राउंड का कैसे माना जा सकता है? अगर वह सच में फीस नहीं दे सकता, तो सरकार के पास ऐसे स्टूडेंट्स के लिए प्रावधान और स्कॉलरशिप हैं। अगर वह गरीब है, तो उसने स्कॉलरशिप का फॉर्म क्यों नहीं भरा?

बहन ने पुलिस को दिया शिकायती पत्र

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वहीं प्रिंसिपल के मुताबिक, छात्र ने आत्मदाह का प्रयास किया था, जिसके बाद बुढ़ाना पुलिस को तत्काल बुलाया गया। सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह (CO Budhana Gajendra Pal Singh) ने बताया, शनिवार दोपहर 1:00 बजे बुढ़ाना थाने पर एक महिला ने प्रार्थना पत्र दिया। उसने अपने छोटे भाई, जो डीएवी डिग्री कॉलेज (DAV College) में थर्ड ईयर का छात्र है। उसका कॉलेज के प्रिंसिपल से फीस का कुछ इश्यू था। छात्र ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया। पीड़ित छात्र को तुरंत पुलिस सीएचसी बुढ़ाना ले गई। जहां डॉक्टरों ने हायर सेंटर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. छात्र के साथ दो सब इंस्पेक्टर को भी तैनात किया गया है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने छात्र को खतरे से बाहर बताया है। मामले में जो भी पीड़ित छात्र को उकसाने में शामिल है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है।

उज्ज्वल दिल्ली रेफर

इस बारे में कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल (Minister of State for Skill Development Kapil Dev Agarwal) ने कहा कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी दोषी हो सजा दिलाई जाएगी। वहीं, इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी (Union Minister of State Jayant Chaudhary) के सहायक सचिव ने भी ग्रामीणों को न्याय दिलवाने का आश्वासन दिया है। वहीं उज्ज्वल को दिल्ली रेफर कर दिया गया है।

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