बरेली : यूपी के बरेली जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। एक स्कूल शिक्षक रजनीश गंगवार (Bareilly teacher Rajneesh Gangwar) पर ‘माहौल खराब’ करने का आरोप लगा है। बता दें कि बरेली के एक स्कूल के टीचर ने असेंबली के समय एक कविता गई, जिसके चलते बवाल हो गया। टीचर रजनीश ने जो कविता छात्रों को सुनाई उसकी कुछ पंक्तियां थीं- “तुम कांवड़ लेने मत जाना, ज्ञान का दीप जलाना।” इस कविता के वायरल होने के बाद एक हिंदू संगठन की शिकायत पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
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VIDEO : 'कांवड़ मत ले जाना…' कविता पाठ करने पर बरेली में शिक्षक रजनीश गंगवार के खिलाफ हुई FIR, जानें पूरा मामला? pic.twitter.com/BsLtpOdTqG
— Pardaphash Today (@PardaphashToday) July 15, 2025
कविता की अंतिम पंक्तियां इस प्रकार हैं
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“कांवड़ ढोकर कोई वकील, डीएम एसपी नहीं बना है।
कावड़ जल से कोई बनिया हाकिम वैद्य नहीं बना है।
कावड़ से बुद्धि-विवेक का तनिक विकास ना होगा।
भांग धतूरा गांजा सुल्फा मद से,कोई उद्धार ना होगा।
जाति-धर्म का नशा छोड़कर, स्व कल्याण करो तुम।
शिक्षालय-पुस्तकालय में पढ़,ज्ञान प्रगाढ़ करो तुम ।
सत् कर्मों से मानव सेवा कर, प्रेम का दीप जलाना ।
कावड़ लेने मत जाना,तुम ज्ञान का दीप जलाना ।
मानवता की सेवा करके,तुम सच्चे मानव बन जाना।।
बताया जा रहा है कि यह घटना बरेली के थाना बहेड़ी क्षेत्र के एमजीएम इंटर कॉलेज में असेंबली के समय बच्चों को संबोधित करते हुए शिक्षक रजनीश गंगवार ने यह कविता गाई थी। कविता में उन्होंने सीधे-सीधे कहा था, ‘कांवड़ ले जाकर कोई एसपी-डीएम नहीं बना है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एक तरफ पुष्प वर्षा, दूसरी तरफ ‘विवादित’ संदेश
हिंदू संगठन का आरोप है कि एक तरफ सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रियों के लिए जगह-जगह पुष्प वर्षा हो रही है। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांवड़ यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षक रजनीश गंगवार ने स्कूल में ऐसी कविता गाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। उनके मुताबिक, यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
शिक्षक रजनीश के बारे में यह पता चला
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जानकारी के मुताबिक, रजनीश गंगवार सिर्फ एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि लेखन और साहित्य से जुड़े एक जाने-माने व्यक्ति हैं। उनकी पहचान भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी है। मगर अब अपनी एक कविता के चलते रजनीश गंगवार विवाद में फंस गए हैं।