प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेला 2026 (Prayagraj Magh Mela 2026) में मौनी अमवस्या (Mauni Amavasya) के दिन ज्योतिष्ठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज (Jyotish Peeth Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati Maharaj) जी के साथ हुई प्रशासन के साथ हुई घटना ने काफी विवाद खड़ा किया है। इसी बीच अब उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि पूज्य शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम है, वो बढ़िया स्नान करें उनसे प्रार्थना है। इस विषय का समापन करें।
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पूज्य शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम है, वो बढ़िया स्नान करें उनसे प्रार्थना है: केशव प्रसाद मौर्या (उप मुख्यमंत्री UP)
जो लोग सोशल मीडिया पर शंकराचार्य जी पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं, वो अगर इन पर मौन रहे तो फिर? उन्हें क्या कहा जाएगा?
ये ख़ुद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को… pic.twitter.com/n5wryBX6O9
— Shubham Shukla (@Shubhamshuklamp) January 22, 2026
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बता दें कि मौनी अमावस्या (माघ मेले का प्रमुख स्नान) के दिन शंकराचार्य जी पालकी पर सवार होकर संगम स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ के कारण उन्हें रोका। इससे धक्का-मुक्की हुई, कुछ शिष्यों-संतों के साथ मारपीट की घटनाएं रिपोर्ट हुईं (जैसे ब्राह्मण युवकों की शिखा खींचना आदि), जिसके बाद शंकराचार्य जी ने धरना दिया और अन्न-जल त्याग किया। मेला प्राधिकरण ने उन्हें नोटिस भेजा कि वे “शंकराचार्य” कैसे कहलाते हैं? अपना पक्ष रखें । यह विवाद उनकी पदवी की वैधता पर केंद्रित है, हालांकि पहले के कुंभ व मेले में उन्हें इसी रूप में मान्यता मिली थी।