मुंबई। महाराष्ट्र में शुक्रवार को एक अजब ही नजारा देखने को मिला। सत्तारूढ़ दल के मंत्री नरहरि जिरवाल ( Narhari Jhirwal) ने मंत्रालय भवन की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर खुदकुशी की कोशिश की। नरहरि जिरवाल छत से कूदे और सुरक्षा जाली पर अटक गए। जिरवाल के छलांग लगाने के बाद कुछ और आदिवासी विधायक भी कूद गए। हालांकि गनीमत रही कि वह सुरक्षा जाली पर अटक गए, नहीं तो जान भी जा सकती थी। बता दें कि अजित पवार की पार्टी के नेता नरहरि जिरवाल महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर (Narhari Zirwal Deputy Speaker of Maharashtra Legislative Assembly) भी हैं। नरहरि जिरवाल धनगर समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) कोटे से आरक्षण देने का विरोध कर रहे हैं।
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NCP leader Ajit Pawar faction MLA and deputy speaker Narhari Jhirwal jumped from the third floor of Maharashtra's Mantralaya and got stuck on the safety net. Police present at the spot.#Maharastra #NCP #narharijhirwal #deputyspeaker #AjitPawar pic.twitter.com/WQEnAf7o6y
— santosh singh (@SantoshGaharwar) October 4, 2024
इस घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने उन्हें बाहर निकाला। वहीं ऊंचाई से गिरने के कारण झिरवल का ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। उनकी सहत की जांच के लिए डॉक्टरों की एक टीम भी मंत्रालय पहुंची थी। फिलहाल उन्हे मंत्रालय में ही सुरक्षा के बीच उन्हें एक जगह पर बिठा दिया गया है। यह भी खबर है कि झिरवाल के कूदने से पहले से उन्होंने कुछ विधायकों के साथ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से एक मुलाकात की थी। लेकिन उनकी यह बैठक नाकाम रही थी। इसके बाद झिरवाल समेत 2 विधायक इमारत से ही नीचे कूद गए।
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झिरवल धनगर समाज को एसटी का दर्जा देने के खिलाफ झिरवल उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की NCP गुट के विधायक हैं। बताया जा रहा है कि वे शिंदे सरकार की तरफ से धनगर समाज को एसटी का दर्जा दिए जाने के फैसले के खिलाफ हैं। वे अपनी ही सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर झिरवल और अन्य आदिवासी विधायकों ने शुक्रवार, 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। हालांकि, जब बात नहीं बनी तो उन्होंने मंत्रालय की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। झिरवल और खोसकर ने आदिवासी समुदाय के समर्थन में नारे भी लगाए। घटना के बाद मंत्रालय में कामकाज ठप पड़ गया।
झिरवल ने CM से मुलाकात से पहले कहा था- प्लान बी तैयार है नरहरि झिरवल ने मुख्यमंत्री शिंदे से मुलाकात से पहले चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि CM हमारी बात नहीं सुनेंगे तो हमारे पास प्लान बी तैयार है। झिरवल ने कहा कि हम एसटी आरक्षण को प्रभावित नहीं होने देना चाहते हैं। इसके बाद एक घंटे के अंदर उन्होंने मंत्रालय की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर अपना गुस्सा जाहिर किया।