Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. पर्दाफाश
  3. ‘MNREGA से गांधी जी का नाम क्यों हटा रहे? गुजरात में ‘बापू’ बहुत लोगो का है नाम…’ कांग्रेस MP राजीव शुक्ला ने उठाए सवाल

‘MNREGA से गांधी जी का नाम क्यों हटा रहे? गुजरात में ‘बापू’ बहुत लोगो का है नाम…’ कांग्रेस MP राजीव शुक्ला ने उठाए सवाल

By Abhimanyu 
Updated Date

MNREGA Renamed Controversy: केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ करने जा रही है। सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस के नेताओं कड़ी आपत्ति जताई है। इस बीच, पार्टी के सांसद राजीव शुक्ला ने ‘महात्मा गांधी’ की जगह पर ‘बापू’ किए जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

पढ़ें :- मनरेगा का नाम बदलने से क्या होगा? अखिलेश यादव बोले-BJP अपने सिवा किसी और का पेट भरते हुए नहीं देख सकती

2001 संसद आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने मनरेगा (MNREGA) का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोज़गार योजना किए जाने पर प्रतिक्रिया दी। संसद परिसर में उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैंने प्रियंका गांधी को यह मुद्दा उठाते देखा कि महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा है। गुजरात में कई लोगों का नाम ‘बापू’ है। यह कदम गैर-ज़रूरी लगता है, लेकिन फिर भी इसे उठाया जा रहा है…”

इससे पहले, सांसद प्रियंका गांधी ने आपत्ति जताते हुए इस फिजूल खर्च वाला बताया है। प्रियंका ने शनिवार को कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे क्या सोच है। सबसे पहले तो यह महात्मा गांधी का नाम है, और जब नाम बदला जाता है, तो सरकार के संसाधन फिर से इस पर खर्च होते हैं… यह एक बड़ी प्रक्रिया है जिसमें पैसा भी खर्च होता है, तो बेवजह ऐसा करने का क्या फायदा? मुझे समझ नहीं आ रहा।”

बता दें कि मनरेगा (MNREGA) की शुरुआत मनमोहन सिंह की यूपीए (UPA) सरकार के दौरान हुई, यह अधिनियम 23 अगस्त 2005 को पारित हुआ और फरवरी 2006 में लागू किया गया था। मनरेगा (MNREGA) ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देता है। इसे शुरू में नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट 2005 कहा जाता था।

मनरेगा तहत 2022-23 तक, 15.4 करोड़ लोग सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। आर्थिक सिक्योरिटी देने और ग्रामीण संपत्ति बनाने के अलावा, MNREGA पर्यावरण की रक्षा करने, ग्रामीण महिलाओं को मजबूत बनाने, गांव-शहरी माइग्रेशन को कम करने और सामाजिक बराबरी को बढ़ावा देने समेत अन्य विकास कार्यों में मददगार रहा है।

पढ़ें :- मकर संक्रांति बाद 43 साल बाद गांधी परिवार होगा एकजुट! पूर्व भाजपा सांसद वरुण गांधी के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज
Advertisement