नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) को लेकर देशभर में नाराजगी है। पूरा देश इस इंतजार में है कि कब और कैसे भारत आतंकवाद के पनाहगार पाकिस्तान को करारा जवाब देगा? इस बीच भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया। इसमें लिखा गया, ‘एकता में शक्ति, उद्देश्यपूर्ण उपस्थिति।’ नौसेना ने पोस्ट के साथ कई हैशटैग भी लगाए। जैसे- #MissionReady #AnytimeAnywhereAnyhow ।
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दरअसल, पहलगाम में हुए बड़े आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जबकि 10 से अधिक लोग घायल हुए थे। पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LET) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। केंद्र सरकार ने गुरुवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि जम्मू कश्मीर में हालात सुधर रहे थे। वहां पर्यटन सहित दूसरे कारोबार में तेजी आ रही थी। ‘सब कुछ ठीक चलने’ के बावजूद पहलगाम में आतंकी हमला होना एक बड़ी ‘चूक’ थी।
Power in unity; Presence with Purpose
#MissionReady#AnytimeAnywhereAnyhow pic.twitter.com/EOlQFyXFgJ
— IN (@IndiannavyMedia) April 26, 2025
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पाकिस्तान के खिलाफ गुप्त कार्रवाई पर विचार
आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान को सख्त सबक सिखाने के लिए सीधी जंग से इतर गुप्त कार्रवाई (कोवर्ट ऑपरेशन) पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है। इसका स्तर सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) और बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike) से बड़ा और पाकिस्तान की कल्पना से परे होगा। भारत विश्व समुदाय को इस बात पर राजी कर रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई उसका अधिकार है। लिहाजा वह परंपरागत जंग में उलझे बिना अपने अधिकार का उपयोग करेगा। अगर पाकिस्तान भारत के इस कदम को जंग में बदलता है तो भी उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके लिए तीनों सेनाएं एक साथ कार्रवाई करेंगी।
भारत ने अब तक लिए कई कड़े फैसले
पहलगाम हमले के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में बुधवार शाम को नई दिल्ली में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई। इसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) पर रोक लगाने, अटारी में एकीकृत जांच चौकी को तत्काल प्रभाव से बंद करने का भी फैसला किया था। यह घोषणा की गई कि दक्षेस वीजा छूट योजना (SVES ) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए ऐसे किसी भी वीजा को रद्द माना जाएगा।