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31 वर्षीय शटलर, जो अपनी कलात्मक शैली और कलाई के जादू के लिए मशहूर थीं। उन्होंने बार-बार लगने वाली चोटों को संन्यास लेने की वजह बताया। ताई त्ज़ु यिंग बैडमिंटन इतिहास की सबसे कुशल और प्रशंसित खिलाड़ियों में से एक के रूप में एक अविश्वसनीय विरासत छोड़ गई हैं। अपनी शानदार शॉट-मेकिंग और आकर्षक शैली के लिए जानी जाने वाली, उन्होंने 2020 टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक और 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
इस मौके पर भारत की बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने इस मौके पर भावुक संदेश लिखा है। ताई ने शुक्रवार को बैडमिंटन को अलविदा कह दिया, जिसके बाद सिंधु ने उनके साथ हुई प्रतिद्वंद्विता और दोस्ती को याद किया। सिंधु ने कहा कि 15 साल से अधिक समय तक ताई जू-यिंग ही वो प्रतिद्वंद्वी रहीं। जिन्होंने हर मुकाबले में उन्हें अपनी सीमाओं तक धकेला-उन्होंने बताया कि उनके करियर के दो सबसे बड़े पदक रियो ओलंपिक 2016 में सिल्वर था और 2019 वर्ल्ड चैम्पियनशिप का गोल्ड था। इस दौरान दोनों ही मौकों पर पीवी सिंधु की ताई का भी मैराथन मुकाबलों में सामना हुआ।
सिंधु ने एक्स पर लिखा, “रियो में हम प्री-क्वार्टर फाइनल में मिले थे और बासेल में क्वार्टर फाइनल में। दोनों ही बार मुझे हमेशा की तरह कड़ी मेहनत करनी पड़ी। और हां, आपने मुझे 2021 के सेमीफाइनल में पीछे धकेल दिया और एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतने से रोक दिया। मुझे आज भी वो पल मुस्कुराते हुए याद है।”
सिंधु ने लिखा, सिंधु ने यह भी स्वीकार किया कि ताई के खिलाफ खेलना कभी आसान नहीं था। आपकी कलाई की कला, आपका चालाकी भरा खेल, आपकी शांत प्रतिभा ने मुझे उससे भी ज़्यादा गहराई तक जाने के लिए प्रेरित किया, जितना मैंने कभी सोचा भी नहीं था। आपका सामना करने से एक एथलीट के तौर पर मैं बदल गई। पार्क के कोच आपको बताएँगे कि आपके साथ खेलने से पहले हमने कितनी तैयारी की थी।”
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“लेकिन प्रतिद्वंद्विता से परे, हमने कुछ सचमुच सार्थक बनाया। एक शांत दोस्ती, एक गहरा सम्मान, और वर्षों की लड़ाइयों से बना एक बंधन जिसे सिर्फ़ हम पूरी तरह समझते हैं।