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World Liver Day 2026 : लिवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे डैमेज कर देती है ये बीमारी, जानिए इसके बारे में सब कुछ

By संतोष सिंह 
Updated Date

World Liver Day 2026 : दुनियाभर में लिवर की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। 5 साल से कम उम्र के बच्चे हों, युवा-वयस्क या फिर बुजुर्ग, सभी लिवर की बीमारियों की चपेट में देखे जा रहे हैं। बता दें कि लिवर अपने आप में बहुत खास तरीके का अंग है, जो खुद को रिपेयर करता रहता है, हालांकि हमारी कुछ गड़बड़ आदतों के कारण लिवर की सेहत पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। क्या हो अगर लिवर धीरे-धीरे खराब होने लगे और हमें इसका पता भी न चले? लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) की समस्या में कुछ ऐसा ही देखा जाता है।

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लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) एक गंभीर समस्या है जिसे कैंसर का बड़ा कारण माना जाता है। पर इस बीमारी में होता क्या है, इसकी पहचान कैसे की जा सकती है और किन लोगों में इसका खतरा अधिक होता है? अगर आपके मन में भी ये सवाल हैं तो आइए इसका जवाब जान लेते हैं।

लिवर सिरोसिस की समस्या क्या है?

लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) लिवर में होने वाली एक ऐसी गंभीर क्षति (फाइब्रोसिस) है, जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है। इस बीमारी के कारण लिवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे डैमेज होती जाती हैं और उनकी जगह सख्त ऊतक बन जाते हैं। जैसे-जैसे स्वस्थ ऊतकों की जगह क्षतिग्रस्त ऊतक लेने लगते हैं, इस वजह से लिवर कड़ा हो जाता है और ठीक से काम नहीं कर पाता। इस स्थिति में कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

लिवर सिरोसिस के कारण लिवर फेल भी हो सकता है। गंभीर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट की भी आवश्यकता पड़ सकती है। शराब और नशीले पदार्थ, वायरस और मेटाबॉलिक समस्याएं इसका सबसे आम कारण हैं।

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क्या है इस बीमारी का कारण?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लिवर का मुख्य काम शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना, पोषक तत्वों को स्टोर करना और पाचन में मदद करना है, लेकिन सिरोसिस के कारण लिवर का ब्लड फ्लो प्रभावित हो जाता है, जिससे इसकी कार्यक्षमता घटने लगती है। यह बीमारी धीरे-धीरे कई वर्षों में विकसित होती है लेकिन समस्या की बात ये है कि शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, लेकिन इसका सबसे आम कारण अत्यधिक शराब पीना है। शराब लिवर की कोशिकाओं को धीरे-धीरे नष्ट करने लगाती है, जिससे स्कार टिश्यू बनते हैं। हेपेटाइटिस जैसे वायरल संक्रमण भी सिरोसिस का कारण बन सकते हैं। ये वायरस लिवर में सूजन पैदा करते हैं और समय के साथ उसे डैमेज कर देते हैं। मोटापा, डायबिटीज और खराब लाइफस्टाइल जैसी स्थितियां भी लिवर को नुकसान पहुंचाकर सिरोसिस को बढ़ावा दे सकती हैं।

लिवर सिरोसिस की पहचान कैसे करें?

क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार सिरोसिस की स्थिति में शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती जाती है आपको कई तरह की दिक्कतें महसूस होने लगती हैं। शुरुआत में थकान, कमजोरी, भूख न लगना और वजन कम होने जैसे संकेत दिख सकते हैं। बीमारी बढ़ने के साथ पीलिया, पेट में सूजन, पैरों में सूजन और शरीर में खुजली जैसे लक्षण सामने आते हैं। उल्टी के साथ खून आना या काले रंग का मल भी दिखाई दे सकता है। पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द।

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किन्हें इसका ज्यादा खतरा होता है?

लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) का खतरा किसी को हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका जोखिम ज्यादा होता है। अत्यधिक शराब पीने वालों में ये बीमारी सबसे ज्यादा देखी जाती रही है। जिन लोगों में हेपेटाइटिस बी या सी का संक्रमण है, उनमें भी सिरोसिस का खतरा काफी ज्यादा होता है। फैटी लिवर की समस्या पर अगर ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण भी जोखिम बढ़ सकता है। डायबिटीज के मरीजों को भी अलर्ट रहना चाहिए क्योंकि हाई ब्लड शुगर (High Blood Sugar) लिवर को नुकसान पहुंचाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुषों में यह बीमारी महिलाओं के मुकाबले ज्यादा देखी जाती है।

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