नई दिल्ली। मणिपुर बीजेपी विधायक दल (Manipur BJP Legislative Party) के नेता युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) ने मणिपुर के मुख्यमंत्री (Chief Minister of Manipur) के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल अजय भल्ला (Governor Ajay Bhalla) ने उन्हें लोक भवन (Lok Bhavan) में आयोजित समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
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#BreakingNews | भाजप मणिपूर विधिमंडळ पक्षाचे नेते युमनम खेमचंद सिंह यांनी मणिपूरच्या मुख्यमंत्रीपदाची शपथ घेतली
मणिपूरचे राज्यपाल अजय भल्ला यांनी लोकभवनात शपथ दिली.#Manipur #ManipurCM #YumnamKhemchandSingh pic.twitter.com/LZO1sF9tvm
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हिंसाग्रस्त मणिपुर को लंबे राष्ट्रपति शासन के बाद अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है। मार्शल आर्ट के धुरंधर मैतेई समुदाय के युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर आज शपथ ली। वहीं, भाजपा विधायक नेमचा किपगेन ने मणिपुर के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। किपगेन कुकी समुदाय से हैं। इसके अलावा, नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक एल डिखो ने भी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। भाजपा के गोविंदास कोंथौजम और एनपीपी केके लोकेन सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। नेमचा किपगेन ने नई दिल्ली स्थित मणिपुर भवन से डिजिटल माध्यम से शपथ ली।
मणिपुर विकसित भारत 2047 में अहम भूमिका निभाएगा
मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद खेमचंद ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मणिपुर विकसित भारत 2047 में अहम भूमिका निभाएगा। मणिपुर में 36 समुदाय हैं और हम राज्य में शांतिपूर्ण माहौल लाने की उम्मीद करते हैं।
नए सीएम के सामने बड़ी चुनौती
मणिपुर में अगले साल मार्च में ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नए सीएम के सामने सबसे बड़ी चुनौती मैतेई बनाम कुकी संघर्ष के बीच ऐसा संतुलन साधना है, जिससे विधानसभा चुनाव में भाजपा को नुकसान न हो। पार्टी चाहती है कि आगामी चुनाव से पहले मणिपुर में जमीनी स्तर पर शांति बहाली हो। उल्लेखनीय है कि मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था। मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा को संभालने को लेकर आलोचनाओं के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। मणिपुर विधानसभा का 12वीं विधानसभा का सातवां सत्र 6 फरवरी से शुरू होने की संभावना है।