इंसान की बर्थडे पार्टी तो आपने बहुत सी देखी होगी और उसमें शामिल भी हुये होगें लेकिन क्या कभी किसी पेड़ का जन्मदिन मनाते हुए आपने देखा है। चौकिए नहीं आज हम ले चलते हैं आपको एक बरगद के पेड़ की बर्थडे पार्टी में।
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तमिलनाडु के मदुरै में एक 107 साल पुराने बरगद के पेड़ का जन्मदिन मनाया गया है। सबसे पहले पेड़ को अच्छी तरह से सजाया गया फिर केक काटा गया और मिठाइयां भी बांटी गई। ये पार्टी बिल्कुल वैसी ही थी जैसे आम इंसान की होती है। पहली बार में जिस किसी ने भी यह देखा या सुना उसे काफी हैरानी भी हुई। लेकिन यह कोई पहला साल नहीं है जब यहां बरगद का जन्मदिन मनाया गया बल्कि साल 2019 से ही इस पेड़ का बर्थडे मनाया जाता है।
जन्मदिन में क्या-क्या हुआ आयेजन और क्या है इसके पाछे का कारण
जानकारी के अनुसार मदुरै के मीनाक्षीपुरम इलाके में स्थित 107 साल पुराने यह एक ऐसा बरगद का पेड़ है जिसका बर्थडे हर साल 2019 से लगातार मनाया जा रहा है और इसको नाम दिया गया है -हरित प्रकृति महोत्सव। बात करें कार्यक्रम की तो फूल और अन्य सजावटी सामानों से पेड़ को सजाया गया था। इस दौरान आयोजकों के साथ-साथ वहां राजाजी मिडिल स्कूल की छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे। सब ने मिलकर बरगद के सामने केक काटकर एक-दूसरे को खिलाया, आयोजकों द्वारा मिठाई बांटी गई और बच्चों को पौधे के साथ नोटबुक भी दी गई। इसके साथ ही सब ने मिलकर पेड़ की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली।
इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन जल निकाय संरक्षण आंदोलन और अन्य सामाजिक ट्रस्ट मिलकर करते हैं । जिसका उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि पुराने पेड़ों को बचाना भी उतना ही जरूरी है, जितना नए पौधे लगाना। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण, पार्क निर्माण जैसे कई परियोजनाओं के चलते लगभग 7-8 बरगद के पेड़ पहले काटे जा चुके हैं और आसपास के क्षेत्र में अब यह इकलौता ऐसा पेड़ बचा है जो 100 साल पुराना है।
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इसको भी खोने का डर सता रहा लोगों को
कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार लोग पेड़ के आसपास कूड़ा-कचरा फेक वहीं कूड़े को जलाने लगते हैं जिससे उसकी जड़े कमजोर हो सकती हैं , साथ ही बिजली के तारों के कारण भी समय समय पर बरगद की टहनियों को काटा जाता है। इन सब से पेड़ को नुकसान होने का खतरा बना रहता है इसीलिए ऐसे कार्यक्रम करने के पीछे लोगों को पर्यावरण के प्रति सचेत और जागरूक करना है। अभी हाल ही में तमिलनाडु के करूर जिले के एक इलाके से भी एक चिंताजनक खबर सामने आई, जहां करीब 200 साल पुराना बरगद का पेड़ अचानक गिर गया। जिसके चपेट में आने से दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस खबर के संंज्ञान में आते ही पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुराने पेड़ों की समय-समय पर जांच और सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था होनी चाहिए।
रिपोर्ट: कल्पना पाण्डे