देशभर में सनसनी बने सौरभ राजपूत हत्याकांड (Saurabh Rajput Murder Case) में बुधवार को जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा (District Judge Arvind Kumar Mishra) की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी (Muskan Rastogi) और साहिल शुक्ला (Sahil Shukla) को दोषसिद्ध कर दिया। 126 तारीखों और 22 से अधिक गवाहियों के बाद मुकदमा अब सजा के चरण में पहुंच गया है।
मेरठ। देशभर में सनसनी बने सौरभ राजपूत हत्याकांड (Saurabh Rajput Murder Case) में बुधवार को जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा (District Judge Arvind Kumar Mishra) की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी (Muskan Rastogi) और साहिल शुक्ला (Sahil Shukla) को दोषसिद्ध कर दिया। 126 तारीखों और 22 से अधिक गवाहियों के बाद मुकदमा अब सजा के चरण में पहुंच गया है। अदालत 14 अक्टूबर को दोनों दोषसिद्ध आरोपितों की सजा पर निर्णय सुनाएगी।
मामले में अभियोजन की ओर से दोनों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की गई है। डीजीसी फौजदारी केके चौबे ने बताया कि मामले में सभी गवाहियों और बहस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अदालत के समक्ष अभियोजन ने मामले की परिस्थितियों और साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा की मांग रखी।
नीले ड्रम में छिपाया था शव
अभियोजन के अनुसार, तीन मार्च 2025 को सौरभ की हत्या के बाद शव को टुकड़ों में कर सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया था। चार मार्च की शाम मुस्कान और साहिल हिमाचल चले गए थे। 17 मार्च को दोनों लौटे और 18 मार्च को हत्याकांड का राजफाश हुआ। पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर 19 मार्च को अदालत में पेश किया था। तभी से दोनों जेल में बंद हैं।
जुलाई 2025 में मुकदमा जिला जज की अदालत में ट्रायल पर आया था। इसके बाद लगातार सुनवाई हुई। सौरभ के भाई बबलू राजपूत की अदालत में आठ बार गवाही हुई। उसने भाई की हत्या का आरोप मुस्कान और साहिल पर लगाया। सौरभ की मां रेणू राजपूत ने भी अदालत में दोनों के संबंधों को लेकर गवाही दी।
सजा पर फैसला 14 अक्टूबर को
दोषसिद्ध होने के बाद अब अदालत दोनों की सजा पर निर्णय सुनाएगी। अभियोजन ने फांसी की सजा की मांग की है, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा गया है। अदालत 14 अक्टूबर को सजा को लेकर निर्णय सुनाएगी। सौरभ के परिवार के साथ दोनों दोषसिद्ध आरोपितों के स्वजन की निगाहें टिकी हुई हैं।