लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान करने वाली वीडियो सामने आयी है, जिसको देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। दरअसल, 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण पीड़ित अभ्यार्थियों का धैर्य जवाब दे रहा है। इसको लेकर आज उन्होंने भीषण गर्मी में पेट के बल रेंगते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है।
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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पीड़ित अभ्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन की वीडियो को शेयर किया है। साथ ही लिखा, संविधान द्वारा दिये गये आरक्षण के अधिकार को मारनेवाली भाजपा का अंहकार आज अंदर-ही-अंदर बहुत ख़ुश होगा कि सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज आज भी उनके वर्चस्व के आगे दंडवत होकर याचना कर रहा है लेकिन अपने प्रभुत्व के घमंड में चूर भाजपाई और उनके संगी-साथी ये भी याद रखें कि जब आग्रह हार जाता है, तब इंसान सीमाएं लांघ जाता है।
संविधान द्वारा दिये गये आरक्षण के अधिकार को मारनेवाली भाजपा का अंहकार आज अंदर-ही-अंदर बहुत ख़ुश होगा कि सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज आज भी उनके वर्चस्व के आगे दंडवत होकर याचना कर रहा है लेकिन अपने प्रभुत्व के घमंड में चूर भाजपाई और उनके संगी-साथी ये भी याद रखें कि जब आग्रह… pic.twitter.com/TEQ9LsysYg
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 18, 2026
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बता दें कि, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने साल 2018 में 69000 शिक्षकों की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया था। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास उम्मीदवारों को आवेदन करने का मौका दिया गया था। मेरिट लिस्ट की गई और पात्र उम्मीदवारों को भर्ती कर लिया गया। लेकिन मामले में पेंच तब फंसा जब आरक्षित चयनित उम्मीदवारों ने लिस्ट में आरक्षण नीति का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए इसे महा आरक्षण घोटाला कहा।