पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: रोहिन नदी के सेमरहवा घाट पर वर्षों से पुल का इंतज़ार कर रहे ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत आई है। बरसात में तीन तरफ जंगल और दूसरी तरफ उफनती नदी—ऐसे हालात में सेमरहवा और आसपास के गांव हर साल दुनिया से कट जाते थे। स्कूल, अस्पताल और रोजमर्रा का काम—सब ठप।
पढ़ें :- सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
इस दर्द को आवाज देने के लिए ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव में “पुल नहीं तो वोट नहीं” का नारा बुलंद किया और मतदान का बहिष्कार किया। मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
इसी दौरान नौतनवा के विधायक ऋषि त्रिपाठी खुद ग्रामीणों के बीच पहुंचे। लोगों की पीड़ा समझी और खुलकर कहा—
“अगर पुल नहीं बना, तो मैं वोट मांगने नहीं आऊंगा।”
यह भरोसा काम आया और ग्रामीणों ने मतदान में हिस्सा लिया।
पढ़ें :- बिहार में निजी स्कूलों पर चला हंटर: सीएम सम्राट चौधरी बोले-फीस, ड्रेस, किताब पर मनमानी नहीं चलेगी, नहीं तो होगी कार्रवाई
इसके बाद विधायक त्रिपाठी ने इस मुद्दे को लगातार लखनऊ तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कई दौर की मुलाकात, लिखित अनुरोध और सदन में आवाज—आखिरकार उनका संघर्ष सफल हुआ।
अब रोहिन नदी के सेमरहवा घाट पर पुल निर्माण की स्वीकृति मिल गई है।
यह पुल करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।
विधायक ऋषि त्रिपाठी ने स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा—“यह पुल वर्षों से उपेक्षित गांवों की जिंदगी बदल देगा। अब बच्चे बिना जोखिम के स्कूल जाएंगे, मरीज समय पर अस्पताल पहुंचेंगे और क्षेत्र में विकास की नई शुरुआत होगी।”
ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली और कहा कि विधायक ने जमीन पर उतरकर जो वादा किया था, उसे निभाकर दिखाया।
पढ़ें :- ये क्या गारंटी कि दुबारा करवाने पर परीक्षा फिर लीक नहीं होगी....NEET परीक्षा को रद्द होने पर राहुल गांधी ने साधा निशाना
महराजगंज ब्यूरो प्रभारी विजय चौरसिया की रिपोर्ट