फिरोजाबाद। फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में 30 मई को डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी ने मासूम को सड़क पर पटक-पटककर मौत के घाट उतारा था। पूरी घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले मुकदमे में 40 दिन बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। इससे पहले गुरुवार को उसे दोषी करार दिया गया था। सजा सुनते ही आरोपी विराज रोने लगा था।
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पुलिस अभिरक्षा में विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को पुलिस दोपहर ढाई बजे करीब जेल से कोर्ट लेकर पहुंची थी। यहां अभियोजन और बचाव पक्ष के सामने अदालत ने आरोपी को बच्चे की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने कहा, अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्य पूर्ण हैं। घटना बेहद जघन्य है। विराज को सजा का एलान होने के बाद पुलिस उसे वापस जेल ले गई। इस दौरान उसके चेहरे पर सजा का खौफ साफ था।
बता दें कि, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में बीते 30 मई की दोपहर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने रिश्ते में लगने वाली भाभी रति से शादी की जिद पूरी नहीं होने पर उसके डेढ साल के बेटे अराव की हत्या कर दी। आरोपी ने आराव को सड़क पर पटक-पटककर मौत के घाट उतारा था। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को गिरफ्तार देर रात ही गिरफ्तार कर लिया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी।
ये है पूरी घटना
मूल रूप से अरांव निवासी रति देवी की शादी फरवरी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी। पति से अनबन के कारण वो मायके में रहती थी। आरोपी ने कोर्ट में तलाक दिलाने की बात कहकर सहयोग करने के नाम पर नजदीकी बढ़ाई थी। आरव जब विराज के एक तरफा प्यार के बीच में आने लगा तो उसको चाकलेट दिलाने के बहाने ले गया और गली के बाहर जमीन पर पटककर बड़ी ही निर्दयता से मार डाला। हत्याकांड में कोर्ट की तेजी से फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और पुलिस की तत्परता से महज 40 दिन के अंदर ही दोषी करार दिया है।