नई दिल्ली: दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में बुधवार को आदिवासी प्रोफेशनल्स कॉन्क्लेव 2026 (Adivasi Professionals Conclave 2026) में नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद ‘नेशनल आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव’ में सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी भाई-बहनों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि मोदी सरकार में आदिवासियों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उनके जल-जंगल-जमीन पर हमला किया जा रहा है और पूंजीपतियों की तिजोरियां भरी जा रही है। उन्होंने कहा कि ये किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे।
पढ़ें :- Video Viral : स्कूल परिसर में शिक्षक और शिक्षिका की अश्लील हरकत कैमरे में कैद, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने 'नेशनल आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव' में सभा को संबोधित किया और आदिवासी भाई-बहनों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
मोदी सरकार में आदिवासियों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उनके जल-जंगल-जमीन पर हमला किया जा रहा है और पूंजीपतियों की तिजोरियां भरी जा रही… pic.twitter.com/NzetbxxhDa
— Congress (@INCIndia) June 3, 2026
पढ़ें :- Video : संजय राउत का शर्मनाक कमेंट, बोले- प्रेग्नेंट थे एकनाथ शिंदे, छह गद्दार सांसदों को दिया जन्म, ये डिलीवरी नंदनवन में हुई
BJP और RSS आपको ‘वनवासी’ का नाम देकर आपके जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से वंचित रखना चाहती है
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि आदिवासी भारत के पहले मालिक हैं जिनमें भारत की ऐतिहासिक चेतना और ज्ञान समाया हुआ है, यही सच्चाई है। BJP और RSS की आदिवासी विरोधी मानसिकता आपको ‘वनवासी’ का नाम देकर आपके जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से वंचित रखना चाहती है। कांग्रेस पार्टी और मैं आपके अधिकारों का सम्मान करते हैं और उसकी रक्षा के लिए हर कदम उठाने को, हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
आदिवासी कांग्रेस के चेयरमैन विक्रांत भूरिया (Vikrant Bhuria, Chairman, Adivasi Congress) ने कहा कि हमारे आदिवासी साथी पूरे देश में नाम कमा रहे हैं, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। आदिवासी प्रोफेशनल्स कॉन्क्लेव (Adivasi Professionals Conclave 2026) सभी प्रोफेशनल्स को अपनी आवाज को देश व समाज के लिए बुलंद करने का मौका देता है। उन्होंने कहा कि हमारी जल-जंगल-जमीन की लड़ाई ज्ञान और टेक्नोलॉजी से और भी धारदार होगी। हम चाहते हैं कि हमारा समाज आगे आए और लीड करें।