नई दिल्ली। अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm के जरिए UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। आगामी 1 अप्रैल 2025 से बैंक और UPI सेवाओं में एक अहम बदलाव होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंकों और UPI ऐप्स को निर्देश दिया है कि 31 मार्च 2025 तक उन मोबाइल नंबरों को हटा दिया जाए जो लंबे समय से इनएक्टिव हैं।
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इनएक्टिव नंबरों को हटाने का निर्देश
इसका मकसद इनएक्टिव या रीसाइकिल किए गए नंबरों से होने वाली दिक्कतों को खत्म करना है, जो ट्रांजेक्शन में रुकावट डाल सकते हैं। अगर कोई मोबाइल नंबर 90 दिन तक वॉयस कॉल, SMS या डेटा के लिए इस्तेमाल नहीं होता, तो इसे इनएक्टिव माना जाता है। ऐसे नंबरों को किसी दूसरे यूज़र के नाम रजिस्टर्ड कर दिया जाता है। अगर आपका बैंक अकाउंट या UPI ऐप किसी इनएक्टिव नंबर से जुड़ा हुआ है, तो भविष्य में आपके लेन-देन में समस्या आ सकती है।
1 अप्रैल से होगा प्रभावी
यह बदलाव 1 अप्रैल से प्रभावी होगा, और उसके बाद बैंक या UPI ऐप्स उन नंबरों को अपने सिस्टम से हटा देंगे जो इनएक्टिव होंगे। अगर आप चाहते हैं कि आपका बैंक अकाउंट या UPI आईडी एक्टिव रहे, तो आपको अपने मोबाइल नंबर को रिचार्ज करना होगा।
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नए नियम के अनुसार, UPI ऐप को अब UPI ID से मोबाइल नंबर लिंक या अपडेट करने से पहले यूजर्स की सहमति लेनी होगी। पहले, यह बिना किसी स्वीकृति के अपने आप हो जाता था।
तुरंत रिचार्ज करें फोन नंबर
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने चेतावनी दी है कि इनएक्टिव नंबरों के जरिए धोखाधड़ी हो सकती है, क्योंकि स्कैमर्स किसी बैंक खातों तक पहुंच बनाने के लिए पुराने इनएक्टिव नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। NPCI ने यह भी अनिवार्य किया है कि बैंक और UPI ऐप्स हर हफ्ते अपने सिस्टम में अपडेट करें और इनएक्टिव नंबरों की लिस्ट को हटाएं। इसलिए, अगर आपके बैंक अकाउंट या UPI आईडी से जुड़े किसी भी नंबर का उपयोग लंबे समय से नहीं हुआ है, तो उसे तुरंत रिचार्ज करें और एक्टिव रखें।