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अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, 14 महीने की पोती के छोटे ताबूत को देख ईरान हुआ भावु​क

By Harsh Gautam 
Updated Date

अली खामेनेई अंतिम यात्रा:  ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की रस्में शनिवार को राजधानी तेहरान में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गईं। अपने 86 वर्षीय नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। ईरान में शोक और गुस्से का माहौल देखने को मिला जबकि कई स्थानों पर लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी भी की।

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14 महीने की पोती का छोटा ताबूत बना भावुकता का केंद्र

अंतिम यात्रा के दौरान सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया जब अली खामेनेई के ताबूत के साथ उनके परिवार के दिवंगत सदस्यों के ताबूत भी रखे गए। इनमें उनकी महज 14 महीने की पोती का छोटा ताबूत भी शामिल था जिसे देखकर वहां मौजूद कई लोग अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। खामेनेई के ताबूत को इस्लामी गणराज्य के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया था और उसके ऊपर उनकी पहचान मानी जाने वाली काली पगड़ी रखी गई थी। इस दृश्य ने पूरे परिसर को गमगीन माहौल में बदल दिया।

छह दिनों तक चलेगी अंतिम यात्रा

अली खामेनेई का पार्थिव शरीर शुक्रवार को तेहरान पहुंचा। इसके बाद ईरान और पड़ोसी देश इराक के विभिन्न शहरों में छह दिनों तक सार्वजनिक अंतिम यात्रा समारोह आयोजित किए जाने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का अनुमान है कि केवल तेहरान में ही अगले तीन दिनों के दौरान डेढ़ से दो करोड़ लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।

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‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘प्रतिशोध’ के गूंजे नारे

शनिवार को जैसे ही तेहरान के ग्रैंड मोसाला के द्वार आम लोगों के लिए खोले गए, हजारों शोक संतप्त नागरिक परिसर में पहुंच गए। लोगों के हाथों में लाल रंग के बैनर दिखाई दिए, जिन्हें प्रतिशोध का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान भीड़ ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘प्रतिशोध, प्रतिशोध’ के नारे भी लगाए। अंतिम यात्रा में शामिल 27 वर्षीय एक युवक ने भावुक होकर समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को कहा कि मैं अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने आया हूं। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मुझे यह दिन देखना पड़ेगा। काश यह त्रासदी देखने से पहले ही मेरी मृत्यु हो गई होती।

शीर्ष नेताओं की आंखें भी हुईं नम

अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम में ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संसद अध्यक्ष और अमेरिका के साथ वार्ता में प्रमुख भूमिका निभाने वाले मोहम्मद बाकेर गालिबाफ भी भावुक नजर आए। वहीं, कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपना दुख व्यक्त किया।

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