Chandan Gupta murder case: कासगंज हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता (Chandan Gupta) के सभी 28 दोषियों को एनआईए के स्पेशल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस दौरान हत्याकांड में शामिल सलीम भी शुक्रवार को कोर्ट में हाजिर हुआ, जोकि कल अनुपस्थित था। कोर्ट ने दोनों पक्षों की तरफ से सजा के बिंदु पर बहस पूरी होने के बाद अपना फैसला सुनाया है।
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दरअसल, 26 जनवरी 2018 को यूपी के कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad) के कार्यकर्ता चंदन गुप्ता (Chandan Gupta) की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। चंदन की हत्या के बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी थी। कई जगहों पर उपद्रव और आगजनी की घटनाएं सामने आयी थीं। जिसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 49 लोगों को गिरफ्तार किया था।
इस घटना में सलीम नाम के शख्स को मुख्य आरोपी बनाया गया था, जबकि 20 लोगों को नामजद किया गया था। वहीं, करीब छह साल बाद लखनऊ की स्पेशल एएनआई कोर्ट ने 2 जनवरी 2025 को चंदन गुप्ता हत्याकांड में फैसला सुनाया। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 28 आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि दो को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।
सजा के ऐलान पर जिला सरकारी वकील मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा, “सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है। दो लोगों को बरी कर दिया गया है। हम उनके बरी होने के ख़िलाफ़ अपील करेंगे। सलीम को अतिरिक्त 7 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई गई है…”