Amarnath Yatra 2026 : सनातन धर्म में तीर्थ दर्शन पूजन का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ के प्रमुख तीर्थस्थलों में श्री अमरनाथ तीर्थ की पवित्र गुफा में हिम शिवलिंग के दर्शन का अलौकिक महत्व है। पूरी दुनिया से श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन हेतु श्री अमरनाथ तीर्थ की पवित्र गुफा की में माथा टेकने आते है। इस तीर्थ की प्रमुख विशेषता पवित्र गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग का निर्मित होना है। प्राकृतिक हिम से निर्मित होने के कारण इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग भी कहते हैं। पवित्र गुफा समुद्र तल से 13,600 फुट की ऊंचाई पर स्थित है जिसकी भीतर की ओर गहराई 19 मीटर व चौड़ाई 16 मीटर है।
पढ़ें :- Kalashtami 2026 : भैरव अष्टमी पर करे ये उपाय, नकारात्मक ऊर्जा से मिलेगी मुक्ति , राहु-केतु के दोष होंगे दूर
38 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा
इस बार अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी, जो कुल 38 दिनों तक चलेगी। इस वर्ष के लिए अग्रिम पंजीकरण 15 अप्रैल से 554 बैंक शाखाओं (PNB, SBI, J&K Bank) और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की वेबसाइट पर शुरू होंगे। पंजीकरण के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (CHC) आवश्यक है।
तीर्थों का तीर्थ
अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। श्री अमरनाथ को तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है क्योंकि यहीं पर भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। इसलिए इसे अमरत्व के नाम से भी जाना जाता है।
रात्रि विश्राम की व्यवस्था
अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा मार्ग में कई स्थलों पर तीर्थयात्रियों के लिए शुद्ध भोजन, रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जाती है।
अमरनाथ यात्रा 2026 के मुख्य विवरण
आयु सीमा: 13 से 70 वर्ष (6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाएं पात्र नहीं हैं)।
अनिवार्य दस्तावेज: आधार कार्ड, हेल्थ सर्टिफिकेट, 4-5 फोटो।
मार्ग: पारंपरिक पहलगाम मार्ग (लंबा लेकिन आसान) और बालटाल मार्ग (छोटा लेकिन खड़ी चढ़ाई)।
सुविधाएं: सुरक्षा कारणों से RFID कार्ड अनिवार्य है।