नई दिल्ली। भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक ऐसे नेटवर्क के मुख्य तत्वों को खत्म करने में भारत के सहयोग की सराहना की है, जिस पर कथित तौर पर अमेरिका में अवैध नशीले पदार्थ पहुंचाने में मदद करने का आरोप था। ट्रंप प्रशासन ने नशीले पदार्थों पर अपनी पकड़ और मज़बूत कर ली है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि अमेरिका भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ अपनी साझेदारी की तहे दिल से सराहना करता है। इस साझेदारी ने उस आपराधिक नेटवर्क के मुख्य तत्वों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई, जो उन कार्टेल को प्रीकर्सर केमिकल्स पहुंचा रहा था, जो अमेरिका में अवैध नशीले पदार्थों का निर्माण और तस्करी करते हैं। अमेरिका भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ अपनी साझेदारी की बहुत सराहना करता है। इस साझेदारी ने उस आपराधिक नेटवर्क के मुख्य तत्वों को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई है, जो उन कार्टेल को प्रीकर्सर केमिकल्स सप्लाई करता था।
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अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने 23 अप्रैल को सतीश कुमार हरेश भाई सुतारिया को अवैध फेंटानिल के उत्पादन में मदद करने के लिए नामित किया। बयान में कहा गया सुतारिया भारत स्थित एक फार्मास्युटिकल केमिकल सप्लायर है, जो अवैध फेंटानिल के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले फेंटानिल प्रीकर्सर का व्यापार करता है। सेल्सपर्सन युक्तकुमारी आशीषकुमार मोदी के साथ मिलकर, सुतारिया इन प्रीकर्सर की बिक्री और शिपमेंट को मेक्सिको सहित ग्वाटेमाला तक पहुंचाने में मदद करता है। आरोपी गलत लेबल लगाकर सुरक्षित रसायन के रूप में दिखाता है। बयान में कहा गया कि सुतारिया की सहयोगी, युक्तकुमारी आशीषकुमार मोदी, लेनदेन के लिए भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों का इस्तेमाल करती थी और उसे भारत सरकार द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। सुतारिया और मोदी ने इन लेनदेन को अंजाम देने के लिए एसआर केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स और Agrat केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स का इस्तेमाल किया। ये दोनों ही भारत स्थित फार्मास्युटिकल केमिकल कंपनियां हैं। इस गतिविधि के लिए सुतारिया और मोदी को मार्च 2025 में भारतीय अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किया गया था।