नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत जूझ रही है। इसी बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (National General Secretary Abhishek Banerjee) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से करीब 90 मिनट तक मुलाकात की है। बता दें कि यह बैठक 10 जनपथ पर हुई, जिसमें विपक्षी INDIA गठबंधन को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए मजबूत गठबंधन की इच्छा जताई है।
पढ़ें :- मां की आत्मकथा को लेकर भावुक हुए राहुल गांधी, बोले- 'पापा ऊपर से अपनी खूबसूरत सोनिया को गर्व से देख रहे होंगे'
हालांकि इस मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के विलय की चर्चाएं फिर से जोर पकड़ ली है। हालांकि बुधवार को कांग्रेस ने साफ किया है कि विलय का कोई प्रस्ताव तृणमूल की तरफ से आना चाहिए, वे खुद इस पर दबाव नहीं बना रहे हैं। कल ही तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के गले मिलने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
TMC और कांग्रेस का इतिहास
ममता बनर्जी 1998 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) बनाकर अलग हुई थीं। 2011 में दोनों पार्टियों ने मिलकर पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा सरकार को हराया था, लेकिन बाद में दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते खराब हो गए। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले INDIA ब्लॉक में दोनों फिर साथ आए। इसके बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) में तृणमूल की हार के बाद पार्टी में विद्रोह बढ़ गया है। कई विधायकों और सांसदों ने बागी तेवर अपनाए हैं और BJP-NDA की तरफ रुख करने के संकेत दिए हैं।
TMC-कांग्रेस पर बीजेपी का तंज
पढ़ें :- रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई...‘वंदे मातरम्’ मामले को लेकर कांग्रेस पर जमकर बरसे केशव मौर्य
वहीं, BJP नेता राजू तिब्रेवाल (BJP leader Raju Tibrewal) ने तंज कसते हुए कहा, कि सत्ता के लिए ये लोग कुछ भी कर सकते हैं। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के पास खुद छत नहीं है, तो ये TMC को क्या शरण देंगे?’ TMC की मौजूदा संकटपूर्ण स्थिति में कांग्रेस के साथ करीबी बढ़ाना ममता बनर्जी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। दोनों पार्टियां BJP के खिलाफ एकजुट होने पर जोर दे रही हैं, लेकिन विलय की अटकलें अभी सिर्फ चर्चाओं तक सीमित हैं।