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अनंत सिंह फिर होंगे सलाखों की पीछे, सुप्रीम कोर्ट का 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का दिया आदेश

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) को 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करके जेल जाने का आदेश दिया है। पटना हाईकोर्ट से मार्च में अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dularchand Yadav Murder Case) में मिली बेल को दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती दी थी और कोर्ट से उनकी जमानत रद्द करके फिर जेल भेजने की अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच में आज सुनवाई के दौरान अनंत सिंह (Anant Singh)  के वकील ने बताया कि उनके परिवार में 25 नवंबर को एक शादी है, जिस पर कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करके जेल लौटने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बिहार सरकार (Government of Bihar) को 4 महीने में अपनी जांच पूरी करने कहा है, जिसके बाद अगली सुनवाई होगी।

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पिछली तारीख 29 सितंबर को सुनवाई के दिन ही संबंधित पक्षों को हिदायत दी थी कि 30 अक्टूबर को स्थगन नहीं दिया जाएगा। सितंबर में अनंत सिंह (Anant Singh)  ने हलफनामा दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा था। मुकदमे में बिहार सरकार पार्टी नंबर 1 और अनंत सिंह पार्टी नंबर 2 हैं। राज्य सरकार ने 24 अक्टूबर को एफिडेविट दाखिल किया था।

दुलारचंद के पोते नीरज ने अपना याचिका में अनंत सिंह (Anant Singh)   की बेल कैंसिल करने की मांग करते हुए कहा है कि हाईकोर्ट ने 19 मार्च को जब अनंत सिंह (Anant Singh)  को जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया, तो अदालत ने अनंत सिंह (Anant Singh)  के आपराधिक इतिहास पर गौर नहीं किया। राज्य सरकार के हलफनामा में अनंत सिंह (Anant Singh)  की ‘बहुत भारी क्रिमिनल हिस्ट्री’ में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, आर्म्स एक्ट जैसी ‘गंभीर धाराओं’ में दर्ज 62 मुकदमों की जानकारी कोर्ट को दी गई है।

 परिवार में बेटी की शादी के नाम पर अनंत सिंह को मिली एक माह की मोहलत

अनंत सिंह (Anant Singh)  के वकील ने कोर्ट को बताया कि परिवार में बेटी की 25 नवंबर को शादी है। इसके बाद कोर्ट ने अनंत सिंह को शादी के बाद 1 दिसंबर तक सरेंडर करने और वापस जेल जाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने अनंत सिंह (Anant Singh)  को 1 दिसंबर तक सरेंडर करके जेल जाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बिहार सरकार को जांच पूरी करने के लिए 4 महीने का समय दिया है, जिसके बाद अगली सुनवाई की डेट लगेगी।

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अनंत सिंह पर जेडीयू और राज्य सरकार की टेढ़ी नजर

अनंत सिंह (Anant Singh)  पर जेडीयू (JDU) और राज्य सरकार की नजर टेढ़ी चल रही है। कभी नीतीश कुमार और सरकार के दुलारे अनंत सिंह ने एमएलसी चुनाव में अपनी जेडीयू के ही कैंडिडेट नीरज कुमार को हराने की खुली अपील की थी और जन सुराज पार्टी के कैंडिडेट अनुज सिंह के लिए वोट मांग रहे थे। पार्टी ने 23 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव के मतदान के बाद 24 अक्टूबर की शाम अनंत सिंह (Anant Singh)  और पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी को जेडीयू से निकाल दिया। 25 अक्टूबर की सुबह राज्य सरकार ने नीलम देवी को राज्यस्तरीय 20 सूत्री समिति से हटा दिया, जिसका सदस्य होने की हैसियत से उप-मंत्री का दर्जा और वह सरकारी बंगला मिला था, जिसमें अनंत सिंह (Anant Singh)  कई साल से रह रहे हैं। सरकार ने बंगला खाली करने के लिए एक महीने का समय दिया है। 24 अक्टूबर से अनंत सिंह (Anant Singh)  पर जेडीयू (JDU)  और सरकार हमलावर हो गई है। कोर्ट में सरकार का हलफनामा भी 24 अक्टूबर को ही दाखिल हुआ था।

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