April 2026 Vivah Muhurat : सनातन धर्म में शुभ मूहूर्त का विशेष महत्व है। शुभ कार्य को करने के लिए पंचांग द्वारा शोधित लग्न मूहूर्त को मानने की परंपरा चलती आ रही है। इसी प्रकार वर्ष में कुछ दिन ऐसे भी होते है जब उन दिनों में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते है। अप्रैल 2026 में खरवास समाप्त हो जाएगा । इसके बाद मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे। अप्रैल के पहले पखवाड़े तक सूर्य देव मीन राशि में रहेंगे, जिसे मीनार्क कहा जाता है. 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल से विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी।
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15 अप्रैल, 2026: बुधवार 15 अप्रैल को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में त्रयोदशी तिथि के दौरान शाम 3:22 बजे से 10:31 बजे तक विवाह करना अत्यंत शुभ और सफल वैवाहिक जीवन देने वाला मुहूर्त है।
20 अप्रैल, 2026: सोमवार 20 अप्रैल को रोहिणी नक्षत्र में सुबह 4:35 बजे से 7:28 बजे तक विवाह करना अत्यंत शुभ और अनुकूल माना गया है।
21 अप्रैल, 2026: मंगलवार 21 अप्रैल को मृगशिरा नक्षत्र में सुबह 4:15 बजे से 5:52 बजे तक विवाह का मुहूर्त है, जो शुभता और सफल वैवाहिक जीवन के लिए उत्तम है।
25 अप्रैल, 2026: शनिवार 25 अप्रैल को गणना पोषक नक्षत्र में संधि समय न्यून रहते हुए विवाह करना विशेष रूप से शुभ और लाभकारी माना गया है।
26 अप्रैल, 2026: रविवार 26 अप्रैल को मघा नक्षत्र में सुबह 5:47 बजे से रात 8:27 बजे तक विवाह करना अत्यंत अनुकूल और शुभ है।
27 अप्रैल, 2026: सोमवार 27 अप्रैल को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रात 9:18 बजे से 9:35 बजे तक विवाह का मुहूर्त है, जो शुभ और परिवार में सुख-समृद्धि लाने वाला माना गया है।
28 अप्रैल, 2026: मंगलवार 28 अप्रैल को दिनभर विवाह के लिए शुभ समय उपलब्ध है और नक्षत्र का प्रभाव भी सकारात्मक है।
29 अप्रैल, 2026: बुधवार 29 अप्रैल को हस्त नक्षत्र में सुबह 5:59 बजे से शाम 7:52 बजे तक विवाह करना अत्यंत शुभ और सफल वैवाहिक जीवन देने वाला मुहूर्त है।