Arjun Ki Chaal Ke Fayde : आयुर्वेद में अर्जुन की छाल को हृदय रोगों के लिए महाऔषधि माना जाता है। हृदय की समस्या के लिए यह एक ऐसा प्राकृतिक उपाय है जिसे सदियों से मानव स्वास्थ्य के लिए उपयोग किया जाता रहा है। यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करती है, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करती है, साथ ही यह पाचन, श्वसन, त्वचा और हड्डियों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कसैले गुण होते हैं, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुँचाते हैं।
पढ़ें :- Bhopal AIIMS Study : भरपूर नींद है इम्यूनिटी बूस्टर, बल्कि कैंसर के खतरे को भी करती है कम
‘हृदय-बल्य’
अर्जुन का पेड़, जिसकी छाल को ‘हृदय-बल्य’ यानी हृदय को ताकत देने वाली औषधि कहा जाता है।
हड्डियों के लिए अर्जुन की छाल के फायदे
सिर्फ दिल ही नहीं, अर्जुन की छाल हड्डियों और घावों के लिए भी फायदेमंद है। इसका लेप हड्डियों के फ्रैक्चर, सूजन या घावों पर लगाने से राहत दिलाता है, इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। दस्त, पेचिश और मूत्र संक्रमण जैसी परेशानियों में भी इसका काढ़ा लाभकारी माना गया है. इसके अलावा, खांसी, अस्थमा और सांस की तकलीफ जैसी समस्याओं में भी अर्जुन की छाल का काढ़ा या चूर्ण राहत देता है।
कैसे करें उपयोग
काढ़ा: एक चम्मच छाल पाउडर को दो कप पानी में उबालें, जब तक पानी आधा न रह जाए, फिर छानकर पिएं (सुबह-शाम)।
दूध के साथ: छाल पाउडर को दूध में उबालकर पीने से हृदय रोगों में विशेष लाभ होता है।
चूर्ण: गुनगुने पानी या दूध के साथ सुबह-शाम ½ से 1 चम्मच चूर्ण ले सकते हैं।