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तेज प्रताप यादव पर लगी हत्या के प्रयास की धारा, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए बेउर जेल , कार्रवाई के बाद चढ़ा सूबे का सियासी पारा

By santosh singh 
Updated Date

पटना: बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (Janshakti Janata Dal) के प्रमुख तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) को पटना पुलिस (Patna Police) ने गिरफ्तार कर लिया है। देर रात उन्हें सिविल कोर्ट स्थित सीजीएम कोर्ट (CJM Court) में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (14-Day Judicial Custody) में बेउर जेल (Beur Jail) भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद से राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। समर्थकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

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सिटी सेंटर मॉल से हुई गिरफ्तारी

शनिवार शाम पटना पुलिस (Patna Police) ने तेज प्रताप यादव (Lalu Prasad Yadav) को सिटी सेंटर मॉल (City Centre Mall) के पास से हिरासत में लिया। सुरक्षा कारणों से पुलिस उन्हें दीघा, दानापुर और नौबतपुर सहित कई थानों में ले गई। पुलिस का मकसद समर्थकों की भीड़ और संभावित विरोध-प्रदर्शन को रोकना था। देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें सीधे बेउर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद राबड़ी आवास पर भी हलचल तेज हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Former Chief Minister Rabri Devi) और लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) देर रात तक वकीलों के संपर्क में रहे।

प्रदर्शन, पथराव और हत्या के प्रयास का आरोप

यह पूरी कार्रवाई नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए ‘बिहार बंद’ से जुड़ी है। तेज प्रताप यादव ने इस बंद का समर्थन किया था। शनिवार सुबह तेज प्रताप गांधी मैदान के गेट नंबर-10 पर एक प्रतिमा पर चढ़कर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। दिनभर चले प्रदर्शन के दौरान अचानक माहौल बिगड़ गया। उग्र भीड़ और पुलिस के बीच झड़प और पथराव हुआ। इसमें गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा (Gandhi Maidan SHO Akhilesh Mishra) और टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार (TOP In-charge Pramod Kumar) समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

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इसी मामले में पुलिस ने तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav)  पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और समर्थकों को उकसाने का आरोप लगाया है। उनके अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने बताया कि पुलिस ने BNS की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

वकीलों और नेताओं ने उठाए सवाल

तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav)  के वकील जगन्नाथ सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट आधार के गिरफ्तारी की है। अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने कहा कि तेज प्रताप को 25 तारीख को गिरफ्तार किया गया, जबकि FIR 26 तारीख को दर्ज की गई। जब मैं नौबतपुर थाने पहुंचा तो वहां दो-दो एसपी मौजूद थे, लेकिन मुझे FIR की कॉपी नहीं दी गई। हमने जज साहब से रिहाई की मांग की थी, लेकिन उन्होंने रिमांड दे दिया। अब सोमवार को बेल पिटीशन फाइल की जाएगी।
वहीं जनशक्ति जनता दल (Janshakti Janata Dal)  की नेता वीणा मानवी ने कहा कि अगर पुलिस को अरेस्ट करना ही था तो दोपहर में ही कर लेती, जब उन्होंने झंडा फहराया था। यह सीधी-सीधी लोकतंत्र की हत्या है।

बिहार की सियासत में उबाल

तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) की गिरफ्तारी से बिहार का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। एक तरफ जहां पुलिस इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रिया बता रही है। वहीं दूसरी तरफ समर्थक और विपक्षी दल इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रहे हैं। फिलहाल तेज प्रताप यादव(Tej Pratap Yadav)  बेउर जेल में हैं और सभी की नजरें सोमवार को कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

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पूरे बिहार में बवाल, 423 लोग हिरासत में

बिहार बंद के दौरान पटना समेत सीवान, छपरा, सीतामढ़ी, लखीसराय, भागलपुर और औरंगाबाद में जमकर बवाल हुआ। बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार सबसे ज्यादा प्रभावित 10 जिलों से अब तक कुल 423 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।अकेले पटना जिले में तोड़फोड़ और बवाल करने वाले करीब 100 लोगों को पकड़ा गया है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है।

सीवान में इंटरनेट बंद, तेजस्वी ने उठाए सवाल

सीवान में स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। दूसरी तरफ, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Leader of the Opposition Tejashwi Yadav) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वीडियो शेयर कर सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने लिखा कि सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से भी फायरिंग की गई। जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

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