बलिया। यूपी (UP) के बलिया जिले (Ballia District) में यूपी-बिहार बॉर्डर (UP-Bihar Border) पर नरही थाना इलाके स्थित भरौली पिकेट और कोरंटाडीह चौकी (Korantadih Outpost) पर ट्रकों से अवैध वसूली के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने शुक्रवार को बड़ा एक्शन (Big Action) लिया है। बताते चलें कि दो पुलिसवालों की गिरफ्तारी के बाद बलिया के पुलिस अधीक्षक और एएसपी पर भी गाज गिर गई है। एसपी (SP) और एएसपी (ASP) का तबादला कर दिया गया है। इनके अलावा सीओ को भी निलंबित कर दिया गया है। एसओ समेत 18 पुलिसकर्मी भी सस्पेंड किए गए हैं। सात पुलिसकर्मियों समेत 23 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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बता दें कि बीते बुधवार देर रात एडीजी वाराणसी पीयूष मोर्डिया (ADG Varanasi Piyush Mordia) और डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण (DIG Azamgarh Vaibhav Krishna) के नेतृत्व में आजमगढ़ पुलिस ने छापा मारा था। दोनों स्थानों पर ट्रकों से अवैध वसूली में दो पुलिसकर्मियों और 16 दलालों को गिरफ्तार किया गया था। मौके से तीन पुलिसकर्मी और कुछ दलाल फरार हो गए थे।
सात पुलिसकर्मियों के साथ ही दलालों पर
एफआईआर दर्ज की गई है। दबिश के दौरान लगभग 25 मोबाइल, 14 बाइक और 37500 रुपये भी बरामद किए गए हैं। दरअसल, पुलिस की ओर से यूपी-बिहार बार्डर पर ट्रकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
इस आधार पर डीआईजी (DIG) की ओर से एडीजी (ADG) को सूचना दी गई और उनके साथ बुधवार रात सादे वेश में मौके पर छापेमारी की गई। भरौली पिकेट से दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया, तीन भागने में सफल हो गए। वहीं, कोरंटाडीह चौकी (Korantadih Outpost) पर भी अवैध वसूली मिलने पर दबिश दी गई। यहां से भी कुछ दलाल भागने में सफल रहे।
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थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और पांच पुलिसकर्मियों समेत 23 पर एफआईआर
डीआईजी ऑफिस में तैनात निरीक्षक सुशील कुमार की तहरीर पर थाना प्रभारी नरही, चौकी प्रभारी कोरंटाडीह और पांच अन्य पुलिसकर्मियों सहित 23 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। जिनपर एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें थाना प्रभारी नरही पन्नेलाल, चौकी प्रभारी कोरंटाडीह राजेश प्रभाकर, नरही के सिपाही हरिदयाल सिंह, विष्णु यादव, दीपक मिश्रा, बलराम सिंह, कोरंटाडीह के सिपाही सतीश गुप्ता, भरौली के रविशंकर यादव, कोटवा नरायनपुर के विवेक शर्मा, भरौली के जितेश चौधरी, अर्जुनपुर बिहार के विरेंद्र राय, कथरिया के सोनू सिंह, भरौली के अजय पांडेय, सारिमपुर बिहार के विरेंद्र सिंह यादव, भरौली के अरविंद यादव, रमाशंकर चौधरी, जवाहिर यादव, अमांव के धर्मेंद्र यादव, चंडेश बिहार के विकास राय, भरौली के हरेंद्र यादव, सलाम अंसारी, आनंद ठाकुर, राजापुर गाजीपुर के दिलीप यादव का नाम है।
ये पुलिसकर्मी हैं फरार
कुल 23 नामजद आरोपियों में 18 गिरफ्तार हो चुके हैं। पांच फरार है। इसमें थाना प्रभारी पन्नेलाल, चौकी प्रभारी राकेश प्रभाकर, सिपाही विष्णु यादव, दीपक मिश्रा और बलराम सिंह फरार है। विवेचना सहायक पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को दी गई है।
ये हुए निलंबित
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थाना नरही
1.थानाध्यक्ष पन्नेलाल
2.एसआई मंगला प्रसाद
3.मुख्य आरक्षी विष्णु यादव
4.सिपाही हरिदयाल सिंह
5.सिपाही दीपक मिश्रा
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6.सिपाही बलराम सिंह
7.सिपाही उदयवीर
8.सिपाही प्रशान्त सिंह
9.चालक ओम प्रकाश
चौकी कोरंटाडीह
10.प्रभारी राकेश प्रभाकर
11.मुख्य आरक्षी चन्द्रजीत यादव
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12.मुख्य आरक्षी औरंगजेब खां
13.सिपाही परविन्द यादव
14.सिपाही सतीश चन्द्र गुप्ता
15.सिपाही पंकज कुमार यादव
16.सिपाही ज्ञानचन्द्र
17.सिपाही धर्मवीर पटेल
आवासों को किया सील
थाना प्रभारी नरही, चौकी प्रभारी कोरंटाडीह एवं संलिप्त सिपाहियों के आवासों को सील कर दिया गया है, ताकि बाद में इसकी जांच की जा सके।
रोजाना 10 से 15 लाख की वसूली में किस-किस की थी हिस्सेदारी?
भरौली चेकपोस्ट और कोरंटाडीह चौकी पर कार्रवाई के बाद डीआईजी आजमगढ़ वैभवकृष्ण ने स्वीकार किया कि बक्सर पुल से होकर रोजाना दो से तीन हजार ट्रक गुजरते थे। प्रति ट्रक 500 रुपये की वसूली की जाती थी। ऐसे में रोजाना 10 से 15 लाख की वसूली होती थी। क्या ये पूरा पैसा नरहीं थाने का स्टाफ अकेले पचा जाता था, ये बात किसी के गले नहीं उतरती है।
जिले के बिहार बार्डर से सटे थाने सबसे मलाईदार माने जाते हैं। इसमें नरहीं थाना पहले नंबर पर आता है। यहां के वर्तमान प्रभारी पन्नेलाल यहां लगभग दो साल से तैनात थे। लेकिन इस प्रकरण में सस्पेंड हो गए। पन्नेलाल के बारे में कहा जाता है उन्हें जल्दी कोई थाने से हिला नहीं पाता है। हमेशा किसी न किसी थाने पर तैनात रहते हैं। लाइन में उनको कम ही देखा गया है।
बिहार बॉर्डर पर पहले सिपाही स्वयं वसूली करते थे। बाद में मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस की ओर से प्राइवेट लोगों को रखना शुरू कर दिया गया। 2023 में बक्सर में नया पुल शुरू होने के बाद बालू लदे ट्रकों का आगमन बढ़ गया। यही नहीं गाजीपुर आदि जनपदों के ट्रक भी ईधर से गुजरने लगे। बालू निकासी के सीजन में पुल से रोजाना लगभग 3000 तक ट्रक पार होने लगे। इससे नरहीं पुलिस की चांदी हो गई थी। हालांकि इस समय नदियों में पानी बढ़ने से ट्रकों का आवागमन थोड़ा कम है। फिर भी उक्त स्थानों से रोजाना 10 से 15 लाख तक की वसूली होती थी।
वाराणसी के एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया (Varanasi ADG Zone Piyush Mordia) ने बताया कि हमें ऐसी जानकारी मिली थी कि यूपी-बिहार सीमा पर ट्रकों को रोककर कुछ असमाजिकतत्वों की ओर से वसूली की जा रही है, इसमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। मेरी और डीआईजी आजमगढ़ (DIG Azamgarh) की टीम ने रंगेहाथों वसूली करने वालों को देखा और गिरफ्तार किया। 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पांच और लोगों पर एफआईआर (FIR) हुई है। जिन लोगों की देखरेख में ट्रकों को रोका जाता है उनकी भी जिम्मेदारी तय की जा रही है।