ढाका। शेख हसीना (Sheikh Hasina) के पद से हटने और देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश (Bangladesh) की मोहम्मद यूनुस सरकार (Mohammad Yunus Government) ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय (Bangladesh Foreign Ministry) ने अपने पांच राजदूतों को वापस ढाका बुला लिया है। यह राजदूत भारत, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, पुर्तगाल और संयुक्त राष्ट्र में तैनात थे।
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यूनुस के इस कदम से भारत और बांग्लादेश के बीच बनी खाई और चौड़ी होती दिख रही है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय (Bangladesh Foreign Ministry) से जुड़े सूत्रों का मानना है कि यह कदम प्रशासनिक फैसलों के तहत उठाया गया है, लेकिन इसे देश की विदेश नीति के लिए सकारात्मक संकेत नहीं माना जा रहा है।
भारत-बांग्लादेश संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं संबंध
हसीना सरकार (Hasina Government) के पतन और नई कार्यवाहक सरकार के गठन के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंध (India-Bangladesh Relations) तनावपूर्ण बने हुए हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (Nobel Prize winner Mohammad Yunus) के नेतृत्व वाली नई सरकार के फैसलों ने भारत को नाखुश कर दिया है। हसीना सरकार के बाद भारत ने यूनुस प्रशासन के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई थी। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) के बीच बैठक करने की कोशिश भी विफल रही, जिससे संबंधों में और खटास आ गई।
तख्तापलट के बाद बिगड़े हालात
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पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री शेख हसीना (Prime Minister Sheikh Hasina) के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद से बांग्लादेश में राजनीतिक हालात अस्थिर रहे हैं। आपको बता दें बढ़ते विरोध के बीच हसीना ने 5 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और भारत में शरण ली थी। इसके बाद मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) के नेतृत्व में बांग्लादेश में अंतरिम सरकार (Interim Government in Bangladesh) बनी।