Bhadrapada 2024 : भाद्रपद हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वर्ष का छठा महीना और चतुर्मास का दूसरा महीना है। भादों माह की शुरुआत 20 अगस्त से हो चुकी है। इस पूरे महीने स्नान, दान और पूजा पाठ करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और जीवन की तमाम तरह की समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है। भाद्रपद माह के कुछ नियम होते हैं जिनका पालन करना चाहिए।
पढ़ें :- Vaishakh Amavasya 2026 : वैशाख अमावस्या पर पितरों का स्मरण करने से मिलेगा विशेष पुण्य फल , बाधाएं दूर होंगी
इस माह में तामस तत्व बढ़ाने वाली चीजें जैसे लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा आदि का सेवन भी वर्जित होता है। इस माह को भक्ति और मुक्ति का माह माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भादो माह में देवी-देवताओं की पूजा करने से साधक को सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। इसके अलावा, व्यक्ति को जीवन में खुशी, सफलता और सौभाग्य का लाभ मिलता है।
कहते हैं कि भाद्रपद माह में यदि मक्खन का सेवन किया जाए तो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होता है और इससे उम्र भी बढ़ती है।
भाद्रपद महीने में भगवान कृष्ण को तुलसी दल अर्पित करना चाहिए। इस माह दूध में तुलसी के पत्ते उबालकर पीना भी लाभकारी होता है।