Bhai Dooj 2024 : सनातन धर्म त्योहारों की श्रृंखला में दिवाली के पांचवें दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। भाई और बहन के प्यार और सुरक्षा के प्रतीक का त्योहार है भाई दूज। प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले इस त्योहार में भाई और बहन एक-दूसरे की रक्षा का वचन देते हैं। भाई दूज के दिन बहनें पूजा का थाल सजा कर अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती है और भाई बदले में उन्हें उपहार देकर उनकी रक्षा का वचन है। भ्रातृ द्वितीया (भाई दूज) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला हिन्दू धर्म का पर्व है जिसे यम द्वितीया भी कहते हैं। इस खास मौके पर बहुत से घरों में तरह-तरह के पकवान भी बनाए जाते हैं। खासकर इस दिन मीठा पकवान जैसे तरह-तरह की मिठाइयां, गुजिया बनाया जाता है।
पढ़ें :- Durga Saptashati Infallible Mantras : दुर्गा सप्तशती के अचूक मंत्र जपने से दूर होगी बाधाएं , मिलेगी कार्यों में सफलता
हिंदू पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि की शुरुआत 02 नवंबर, 2024 को रात 08 बजकर 21 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 03 नवंबर, 2024 को होगा। पंचांग के आधार पर इस साल भाई दूज का त्योहार 3 नवंबर 2024, दिन रविवार को मनाया जाएगा।
भाई दूज मंत्र (Bhai Dooj 2023 Mantra)
भाई दूज पर बहनें भाई को टीका लगाते समय इस मंत्र को बोले-
गंगा पूजे यमुना को, यमी पूजे यमराज को।
सुभद्रा पूजे कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़ें, फूले-फलें।।
पढ़ें :- Navratri Fasting Smart Tips : नवरात्रि व्रत में थकान-कमजोरी से बचने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट टिप्स , तरोताजा और ऊर्जावान रहेंगे
इस दिन ‘ॐ श्री चित्रगुप्ताय नमः’ की 108 मंत्र का जाप करना लाभदायक रहता है।
भाई दूज की पौराणिक कथा
कहा जाता है कि यम जब यमुना के घर गए तो उनकी बहन ने तिलक लगाया और भाई को भोजन करवाया। यमुना ने भाई यम का इतने अच्छे से स्वागत किया कि भाई यम ने उसे खुश होकर वरदान मांगने के लिए कहा। वरदान में यमुना ने अपने भाई से कहा कि हर साल आप इस दिन मेरे घर आना। इसी को देख हर भाई-बहन ने भाई दूज को मनाना शुरू किया।